हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें वेतन आयोग की शर्तों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से 1.18 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन, भत्ते और पेंशन संरचना में बड़ा सुधार होने जा रहा है। नया वेतनमान 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आयोग को 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपनी होंगी। आयोग मौजूदा सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करेगा और आर्थिक स्थिति व राजकोषीय प्रभावों को ध्यान में रखेगा।
फिटमेंट फैक्टर को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 2.86 तक जा सकता है, जबकि 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। इस आधार पर कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 18,000 से 19,000 रुपए प्रति माह तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
विभिन्न संभावित परिदृश्यों के अनुसार:
- 14% वृद्धि पर 1 लाख की सैलरी बढ़कर 1.14 लाख रुपए हो जाएगी।
- 16% वृद्धि पर यह 1.16 लाख रुपए तक पहुंचेगी।
- 18% वृद्धि पर सैलरी 1.18 लाख रुपए या उससे अधिक हो सकती है।
साथ ही, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) की भी पुनर्गणना की जाएगी, जिससे कर्मचारियों की कुल इन-हैंड सैलरी में उल्लेखनीय इजाफा होगा।














