नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
वैश्विक निवेश प्रबंधन कंपनी इन्वेस्को स्ट्रैटेजी एंड इनसाइट्स की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नया साल भी भारत के लिए आर्थिक मजबूती का साल साबित होगा और देश दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत घरेलू मांग, संरचनात्मक सुधार और मौद्रिक नीतियों में संभावित नरमी से भारत की विकास दर को सहारा मिलेगा।
आरबीआई की नीतियों से मिलेगी रफ्तार
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में आगे और कटौती की संभावना से कर्ज सस्ता होगा, जिससे निवेश और उपभोग दोनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर में गतिविधियां तेज हो सकती हैं। हालांकि, रिपोर्ट यह भी मानती है कि राजनीतिक और नीतिगत विवशताओं के कारण सुधारों की रफ्तार धीमी लेकिन स्थिर रह सकती है।
उभरते बाजारों में भारत की स्थिति
इन्वेस्को की रिपोर्ट के अनुसार, उभरते बाजारों में वैल्यूएशन के लिहाज से आकर्षक अवसर मौजूद हैं, लेकिन सभी देशों की स्थिति समान नहीं है। भारत लंबी अवधि में मजबूत बना रह सकता है, वहीं कुछ अन्य उभरते बाजारों में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
चीन और वैश्विक बाजारों का आउटलुक
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी शेयर बाजार निकट भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं, जबकि भारत को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बावजूद, निजी क्षेत्र की मजबूत बैलेंस शीट के चलते वैश्विक वित्तीय बाजार 2026 तक अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।
निवेशकों के लिए संकेत
इन्वेस्को ने संकेत दिया है कि निवेश के अवसरों का दोबारा संतुलन जरूरी है। अमेरिकी इक्विटी, खासकर बड़ी टेक कंपनियां और AI से जुड़े स्टॉक्स महंगे बने हुए हैं, जबकि गैर-अमेरिकी बाजार, स्मॉल-कैप स्टॉक्स और साइक्लिकल सेक्टर में बेहतर वैल्यूएशन दिख रहा है। वैश्विक आर्थिक गतिविधियों में तेजी से बाजार में हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।













