परिवहन विभाग की कार्रवाई के विरोध में हड़ताल
हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
राजस्थान में निजी बस संचालकों ने अनिश्चितकालीन चक्का जाम हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे पूरे प्रदेश में लगभग 35 हजार बसों के पहिए थम गए हैं। राजधानी Jaipur सहित कई जिलों में बस स्टैंड सूने नजर आ रहे हैं। इस हड़ताल से रोजाना यात्रा करने वाले करीब 15 से 25 लाख यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निजी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का आरोप है कि परिवहन विभाग द्वारा लगेज कैरियर, परमिट उल्लंघन और ओवरहैंग जैसे मामलों में भारी चालान काटे जा रहे हैं। कई बसों की आरसी (RC) तक सस्पेंड कर दी गई है। संचालकों का कहना है कि पुराने नियमों को नए मानकों के अनुसार तुरंत लागू करने का दबाव डाला जा रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
टैक्स रियायत और कार्रवाई रोकने की मांग
बस ऑपरेटर्स ने मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर टैक्स में रियायत देने की मांग की है। उनका कहना है कि बीच रास्ते में बसों को सीज कर यात्रियों को उतार देने जैसी कार्रवाई से आम लोगों को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। 23 से 28 फरवरी तक की ऑनलाइन टिकट बुकिंग भी रद्द कर दी गई है।
जयपुर के सिंधी कैंप, ट्रांसपोर्ट नगर और रेलवे स्टेशन स्थित बस स्टैंड लगभग खाली हैं। सीकर, झुंझुनूं और भीलवाड़ा में बसें पूरी तरह बंद हैं, जबकि जोधपुर में आंशिक संचालन की खबर है। मुख्यमंत्री कार्यालय में शासन सचिव अखिल अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई बैठक बेनतीजा रही।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
नेता प्रतिपक्ष Tika Ram Jully ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि होली और खाटू श्याम मेले के दौरान लाखों लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री Premchand Bairwa ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जल्द समाधान निकलेगा।
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