हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
कस्टोडियल डेथ मामले में अपील पर तेज़ सुनवाई
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की अपील याचिका पर अब दिल्ली हाई कोर्ट रोजाना सुनवाई करेगा। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई 11 फरवरी से दिन-प्रतिदिन करने का फैसला लिया है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने सुनवाई का समय दोपहर 12:30 बजे निर्धारित किया है।
10 साल की सजा और दोषसिद्धि को दी चुनौती
कुलदीप सिंह सेंगर ने ट्रायल कोर्ट (तीस हजारी कोर्ट) द्वारा सुनाई गई 10 साल की सजा और दोषसिद्धि को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है। सेंगर को उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषी ठहराया गया था। इससे पहले उनकी सजा निलंबन (स्टे) की याचिका खारिज हो चुकी है।
कोर्ट ने क्यों लिया रोजाना सुनवाई का फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि सजा निलंबन की याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है और अपील के निपटारे में देरी हो रही है, इसलिए न्याय के हित में मुख्य अपील पर रोजाना सुनवाई जरूरी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हिरासत में मौत जैसे गंभीर मामलों में संवेदनशीलता और सख्ती दोनों आवश्यक हैं।
CBI और बचाव पक्ष की दलीलें
सेंगर की ओर से वकील कन्हैया सिंघल ने कोर्ट में पक्ष रखा, जबकि सीबीआई की ओर से वकील अनुभा भारद्वाज पेश हुईं। सेंगर ने दलील दी कि वह लगभग 9 साल की सजा काट चुका है और केवल 11 महीने की सजा शेष है। वहीं पीड़ित पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील महमूद प्राचा ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सेंगर की रिहाई से पीड़ित परिवार की सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
जमानत पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
इससे पहले 23 दिसंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दी थी, जिस पर विवाद खड़ा हो गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की हिरासत में मौत के मामले में किसी तरह की सहानुभूति नहीं दिखाई जा सकती।
इस केस में कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह सेंगर सहित पांच अन्य आरोपियों को भी 10-10 साल की सजा सुनाई गई है।
















