हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
फूलों और हर्बल गुलाल के साथ भक्ति रस में झूमे श्रद्धालु
अलीगढ़ स्थित श्री वार्ष्णेय मंदिर में हर वर्ष की तरह इस बार भी रंग भरनी एकादशी पर लठामार होली का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर परिसर भगवा रंग में रंगा नजर आया और चारों ओर फूलों की वर्षा व हर्बल रंग-गुलाल की खुशबू फैल गई। योगीराज श्रीकृष्ण और बरसाने वाली राधा के जयकारों के बीच श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर भजनों पर झूमते रहे। पूरा वातावरण ब्रज की होली जैसा आनंदमय हो उठा।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ पूजन
मंदिर के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी भुवनेश वार्ष्णेय ‘आधुनिक’ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से ठाकुर जी की विशेष पूजा के साथ हुई। मंदिर के महंत पंडित मनोज मिश्रा और पंडित महेश ब्रह्मचारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ठाकुर जी और राधा रानी का विधिवत पूजन कराया। सतरंगी परिधानों में सजे विग्रहों के दर्शन करते ही भक्त भावविभोर हो उठे।
गुलाल लगाकर हुआ होली उत्सव का शुभारंभ
मंदिर के व्यवस्थापक राधेश्याम गुप्ता (स्क्रैप वाले), मार्गदर्शक एल.डी. वार्ष्णेय और अध्यक्ष धीरेन्द्र गुप्ता (फोटो) ने सभी विग्रहों को गुलाल अर्पित कर होली उत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद भजन संध्या में राधा-कृष्ण स्वरूपों के साथ होली का उल्लास दोगुना हो गया।
लठामार होली बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में राधा रानी की सखियां लहंगा पहनकर होली की तैयारियों में जुटीं। जैसे ही ब्रज के हुरियारे रंग डालने पहुंचे, सखियों ने लठ बरसाने शुरू कर दिए। ग्वाल-बालों ने ढालों से अपना बचाव किया। लठामार होली की यह मनोहारी झांकी देख श्रद्धालु आनंदित हो उठे।
होली के समापन पर बरसाने के निवासियों ने आगंतुकों का टोपी और अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया तथा स्वादिष्ट व्यंजनों से उनका सत्कार किया।













