नई दिल्ली।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए eKYC को लेकर चल रही अफवाहों पर अब सरकार ने स्पष्ट स्थिति सामने रख दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि सभी उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उन खबरों को गलत बताया गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि हर LPG यूजर को eKYC कराना जरूरी कर दिया गया है।
क्या है सरकार का स्पष्टीकरण
मंत्रालय ने साफ किया कि eKYC केवल उन्हीं उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है, जिन्होंने अभी तक अपना बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं किया है। जिन लोगों ने पहले ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा eKYC कराने की आवश्यकता नहीं है। मंत्रालय के अनुसार यह कोई नया नियम नहीं, बल्कि पहले से लागू व्यवस्था का हिस्सा है।
PMUY उपभोक्ताओं के लिए विशेष नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए eKYC का नियम सीमित रूप में लागू है। मंत्रालय ने बताया कि PMUY उपभोक्ताओं को साल में केवल एक बार eKYC करना होता है। यह प्रक्रिया 7 सिलेंडर लेने के बाद, यानी 8वें और 9वें रिफिल पर सब्सिडी पाने के लिए जरूरी होती है। इससे वास्तविक लाभार्थियों तक सब्सिडी सुनिश्चित की जा सके।
घर बैठे आसान प्रक्रिया
सरकार ने यह भी बताया कि eKYC प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके लिए गैस एजेंसी या डीलर के पास जाने की जरूरत नहीं है। उपभोक्ता घर बैठे ही मुफ्त में यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके अलावा eKYC का LPG सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सिलेंडर की आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी।
पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर रोक
मंत्रालय के अनुसार, आधार आधारित eKYC से LPG वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आती है। इससे सही लाभार्थियों को सब्सिडी मिलती है, फर्जी कनेक्शन खत्म होते हैं और सिलेंडर की कालाबाजारी पर रोक लगती है। सरकार का उद्देश्य है कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
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