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उत्तर प्रदेश विधान परिषद समिति की सख्ती: विकास कार्यों में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी चेतावनी

गैस आपूर्ति, बिजली बिल और निकाय व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस
सभापति कुंवर महाराज सिंह बोले— जनहित योजनाओं में अनियमितता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

अलीगढ़, हिन्दुस्तान मिरर न्यूज: 16 मार्च 2026
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की “विकास प्राधिकरणों, जिला पंचायत, आवास विकास परिषद एवं नगरीय निकायों में व्याप्त अनियमितताओं पर नियंत्रण एवं जांच” से संबंधित समिति की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक सोमवार को कलैक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति एवं विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह ने की। बैठक में विभिन्न जिलों से जुड़े विकास कार्यों, आवश्यक सेवाओं, नगरीय व्यवस्थाओं तथा आवासीय योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में समिति के सदस्य डा. जयपाल सिंह, विजय बहादुर पाठक, पवन कुमार सिंह, चौधरी ऋषिपाल सिंह तथा डा. तारिक मंसूर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विजय सिंह, जिला महामंत्री शिवनारायण शर्मा तथा संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। समिति ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति, समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।


अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने के निर्देश

बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभापति कुंवर महाराज सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि समिति की बैठकों में वे पूरी तैयारी, अद्यतन आंकड़ों और तथ्यात्मक जानकारी के साथ उपस्थित हों। उन्होंने कहा कि अधूरी या भ्रामक जानकारी प्रस्तुत करना न केवल प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित है, बल्कि यह सदन की गरिमा के भी विरुद्ध है।

उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास योजनाओं से जुड़ी जानकारी पारदर्शी और सटीक होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत जानकारी सामने आती है तो उसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

एटा और कासगंज के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी

बैठक के दौरान एटा और कासगंज जिलों के जिलाधिकारियों की अनुपस्थिति पर सभापति ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समिति की बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति गंभीर विषय है और भविष्य में इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सभापति ने निर्देश दिए कि एटा के अधिकारी जिलाधिकारी के साथ मथुरा में तथा कासगंज के अधिकारी आगरा में आयोजित होने वाली बैठकों में अनिवार्य रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों का उद्देश्य विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना और समस्याओं का समाधान करना होता है, इसलिए अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे इसमें सक्रिय रूप से भागीदारी करें।


गैस आपूर्ति और कालाबाजारी पर सख्त निगरानी के निर्देश

बैठक में आवश्यक सेवाओं की समीक्षा करते हुए समिति ने घरेलू गैस की आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। सभापति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से जारी रखी जाए और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या कृत्रिम कमी की स्थिति न बनने दी जाए।

उन्होंने कहा कि गैस जैसी आवश्यक सेवा में बाधा आने से आम जनता को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस विषय पर विशेष सतर्कता बरतें।


बिजली के बढ़े हुए बिलों से उपभोक्ताओं को राहत देने के निर्देश

बैठक में बिजली आपूर्ति और प्रीपेड कनेक्शनों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सभापति ने निर्देश दिया कि विद्युत प्रीपेड कनेक्शनों की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होनी चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे मामलों में विद्युत विभाग और जिला प्रशासन को समन्वित रूप से कार्य करते हुए उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।


निकायों की खाली जमीन से बढ़ाया जाए राजस्व

विकास और स्थानीय निकायों की समीक्षा के दौरान सभापति ने जिला पंचायत और नगर निकायों की रिक्त पड़ी भूमि के उपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी भूमि का योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए ताकि स्थानीय निकायों की आय में वृद्धि हो सके।

उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक भूमि का सही उपयोग किया जाए तो उससे न केवल राजस्व बढ़ेगा बल्कि स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन भी उपलब्ध होंगे।


जिला पंचायत की रिपोर्ट पर समिति ने जताया असंतोष

बैठक में जिला पंचायत से संबंधित विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी हाथरस ने जानकारी दी कि जनपद में कुल 390 पक्की सड़कों का निर्माण किया गया है और उनकी स्थिति संतोषजनक है।

हालांकि हाथरस से प्रस्तुत रिपोर्ट को लेकर समिति ने असंतोष व्यक्त किया। समिति के सदस्यों ने कहा कि प्रस्तुत अभिलेखों में कई स्थानों पर स्पष्टता का अभाव है। इसके बाद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी अभिलेखों को अद्यतन और तथ्यपरक बनाया जाए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आ सके।


संचारी रोग नियंत्रण और निकाय व्यवस्थाओं की समीक्षा

नगरीय निकायों की समीक्षा के दौरान एडीएम ने संचारी रोग नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। समिति के सदस्यों ने कहा कि स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े अभियानों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

इसके साथ ही बैठक में जल निकासी व्यवस्था, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, गौशालाओं की स्थिति तथा शहरों में जलभराव की समस्या पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि इन समस्याओं के समाधान के लिए ठोस और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं।


आवास विकास परिषद की योजनाओं की समीक्षा

बैठक में उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। परिषद के अधिशासी अभियंता सूरजपाल सिंह ने जानकारी दी कि हाथरस में वर्ष 1986 में 22.795 हेक्टेयर क्षेत्रफल में एक आवासीय योजना प्रारंभ की गई थी।

उन्होंने बताया कि इस योजना में से 18.565 हेक्टेयर भूमि पर विकास कार्य पूर्ण कर वर्ष 2022 में इसे नगरपालिका हाथरस को हस्तांतरित किया जा चुका है। शेष भूमि से संबंधित मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में लंबित है।

समिति ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगभग चार दशकों तक किसी मामले का न्यायालय में लंबित रहना जनहित के दृष्टिकोण से उचित नहीं है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ऐसे मामलों के शीघ्र और प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।


नई आवासीय योजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

सभापति कुंवर महाराज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री द्वारा लागू नई हाउसिंग पॉलिसी के तहत नई और बड़ी आवासीय योजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।

उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और शहरीकरण को देखते हुए योजनाबद्ध तरीके से आवासीय परियोजनाएं विकसित करना आवश्यक है। साथ ही इन योजनाओं के क्रियान्वयन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी लिया जाए, जिससे योजनाएं अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सकें।


सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा पर जोर

बैठक के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। समिति ने कहा कि सरकारी भूमि, भवनों और अन्य संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कहीं भी अतिक्रमण या अनियमितता की शिकायत मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जानी चाहिए।


बैठक के अंत में आभार

बैठक के समापन पर एडीएम प्रशासन डॉ. बसंत अग्रवाल ने सभापति तथा समिति के सभी माननीय सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समिति के सुझावों और निर्देशों के आधार पर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक का संचालन एडीएम प्रशासन डॉ. बसंत अग्रवाल द्वारा किया गया।

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