अलीगढ़, 1 सितम्बरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय गर्ल्स स्कूल में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक धरोहर को रेखांकित किया गया।
प्रधानाचार्या आमना मलिक और उप-प्रधानाचार्या अल्का अग्रवाल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन शिक्षिकाएं अंजुम फ़ातिमा और तजीन फ़ातिमा ने किया।
छात्राओं समायरा फ़िरदौसी ने कार्यक्रम का संचालन किया। रुबा ज़ैनब (कक्षा 12, विज्ञान) ने अंग्रेजी में और अजल्फ़ा सादिक (कक्षा 12, विज्ञान) ने हिंदी में भाषण दिया। छात्राओं ने भारतीय बुनकरों की हस्तकला, कताई, बुनाई और प्रिंटिंग में दक्षता को रेखांकित किया। उन्होंने स्वदेशी आंदोलन में हथकरघा क्षेत्र की भूमिका और आज के समय में इसकी महत्ता पर भी प्रकाश डाला, जहाँ यह लाखों महिलाओं के लिए आजीविका का साधन है।
उन्होंने हथकरघा उत्पादों की पर्यावरण, अनुरूप प्रकृति, कम लागत और सदियों पुराने शिल्प को संरक्षित करने में इसकी भूमिका पर भी जोर दिया। कार्यक्रम ने सफलतापूर्वक ये संदेश दिया कि हथकरघा अपनाना बुनकरों के योगदान को सम्मानित करने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का माध्यम है।















