हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
16 मार्च को मतदान, गठबंधन की परीक्षा
उच्च सदन राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को मतदान होगा। इन सीटों में 25 पर फिलहाल इंडिया ब्लॉक और 12 पर एनडीए का कब्जा है। ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए बढ़त बनाने का मौका तो है, लेकिन असली चुनौती सहयोगी दलों को संतुलित रखने की है। चुनाव केवल सत्ता बनाम विपक्ष नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर शक्ति संतुलन की भी परीक्षा बन गया है।
बिहार: सीट बंटवारे में फंसा गणित
बिहार में पांच सीटों पर चुनाव होना है। एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जबकि सभी सीटें जीतने के लिए 205 वोट चाहिए। चर्चा है कि दो सीटें बीजेपी, दो जेडीयू और एक सहयोगी दल को मिल सकती है। चिराग पासवान अपनी मां को राज्यसभा भेजना चाहते हैं। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की दावेदारी भी चर्चा में है। महागठबंधन भी एक सीट निकालने की कोशिश में है।
महाराष्ट्र: पवार फैक्टर और क्रॉस वोटिंग
महाराष्ट्र की सात सीटों पर मुकाबला दिलचस्प है। सत्तारूढ़ महायुति छह सीटें जीत सकती है, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। शरदचंद्र गोविंदराव पवार की भूमिका अहम मानी जा रही है। यदि वे निर्दलीय उतरते हैं तो क्रॉस-वोटिंग की संभावना बढ़ सकती है।
दक्षिण और पूर्वी राज्यों की तस्वीर
तमिलनाडु में डीएमके मजबूत स्थिति में है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है, जबकि वाम दलों की सीट पर खतरा है। ओडिशा में बीजेपी को अतिरिक्त सीट मिल सकती है। असम और हरियाणा में भी मुकाबला कड़ा है।
संभावित फायदा किसे?
अनुमानों के मुताबिक एनडीए को 2-3 सीटों का फायदा हो सकता है। यदि सहयोगियों की नाराजगी संभाली गई तो राज्यसभा में बीजेपी की ताकत और बढ़ेगी, वरना अंदरूनी असंतोष समीकरण बदल सकता है।
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