हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सीमा सुरक्षा और रणनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश
चीन ने अपने संवेदनशील शिनजियांग क्षेत्र में एक नया काउंटी ‘सेनलिंग’ स्थापित किया है। यह इलाका PoK और अफगानिस्तान की सीमा के पास स्थित है। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और उइगर उग्रवादियों की घुसपैठ को रोकना है। चीन लंबे समय से ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट (ETIM) जैसे संगठनों को लेकर सतर्क रहा है।
वाखान कॉरिडोर के पास रणनीतिक स्थिति
यह नया काउंटी वाखान कॉरिडोर के करीब स्थित है, जो चीन और अफगानिस्तान को जोड़ने वाली एक पतली पट्टी है। यह इलाका भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से बेहद अहम माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत कर मध्य एशिया तक पहुंच सुरक्षित करना चाहता है।
एक साल में तीसरी काउंटी, भारत ने जताया विरोध
पिछले एक साल में चीन शिनजियांग में तीसरी नई काउंटी बना चुका है। इससे पहले बनाए गए काउंटी में अक्साई चिन के हिस्से शामिल होने पर भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था। भारत का कहना है कि ये क्षेत्र उसके अभिन्न हिस्से हैं और ऐसे कदम उसकी संप्रभुता का उल्लंघन हैं।
काशगर और CPEC से जुड़ा महत्व
सेनलिंग काउंटी को काशगर प्रीफेक्चर के तहत रखा जाएगा। काशगर से ही चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) की शुरुआत होती है, जो PoK से होकर गुजरता है। यह करीब 60 अरब डॉलर की परियोजना है, जिस पर भारत लगातार आपत्ति जताता रहा है।
भारत का कड़ा रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने चीन की इस कार्रवाई को खारिज करते हुए कहा कि भारत अपने क्षेत्रों के नाम बदलने या नए दावे करने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अरुणाचल प्रदेश सहित सभी विवादित क्षेत्र भारत का हिस्सा थे, हैं और रहेंगे।
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