हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026। नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। National Highways Authority of India (NHAI) 1 अप्रैल 2026 से देशभर के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने की तैयारी में है। सरकार का उद्देश्य टोल कलेक्शन को 100 प्रतिशत डिजिटल बनाना, लंबी कतारों से राहत देना और लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाना है।
केवल डिजिटल माध्यम से होगा भुगतान
फिलहाल टोल प्लाजा पर FASTag अनिवार्य है, लेकिन कई स्थानों पर नकद भुगतान की सुविधा अभी भी उपलब्ध है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद टोल का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम—जैसे FASTag और UPI—से ही किया जा सकेगा।
मौजूदा नियमों के तहत यदि वाहन पर वैध FASTag नहीं है या वह काम नहीं कर रहा है, तो दोगुना टोल वसूला जाता है। वहीं, UPI से भुगतान करने पर वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित शुल्क देना होता है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, UPI को पहले नकद के विकल्प के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन अब इसे पूर्ण कैशलेस प्रणाली की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
ओवरलोडिंग पेनल्टी भी होगी डिजिटल
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओवरलोडिंग पर लगने वाली पेनल्टी भी जल्द डिजिटल माध्यम से वसूली जा सकती है। अभी अधिकांश स्थानों पर यह भुगतान नकद में होता है। इसे ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने की योजना है, ताकि प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विवाद-मुक्त हो सके।
क्यों खत्म किया जा रहा है कैश सिस्टम?
NHAI के अनुसार, नकद लेनदेन के कारण टोल प्लाजा पर लंबी कतारें लगती हैं। छुट्टे पैसे और रसीद की प्रक्रिया में समय लगता है, जिससे जाम और ईंधन की खपत बढ़ती है। डिजिटल टोलिंग से समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। साथ ही, टोल चोरी और हिसाब-किताब में गड़बड़ी की संभावना भी कम होगी। भविष्य में बैरियर-फ्री टोलिंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी भी इसी दिशा में कदम है।
यात्रियों के लिए क्या जरूरी?
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो वाहन चालकों को पहले से FASTag रिचार्ज या डिजिटल भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सरकार का मानना है कि यह बदलाव हाईवे यात्रा को तेज, आसान और अधिक पारदर्शी बनाएगा। जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना है।
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