हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़। प्रस्तावित ‘2026 बिल’ के विरोध में सोमवार को किन्नर समाज सड़कों पर उतर आया। शहर में हुए इस प्रदर्शन का नेतृत्व आरती नंदगिरी ने किया। बड़ी संख्या में किन्नर समाज के लोग एकत्रित हुए और उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

मेडिकल जांच के प्रावधान पर जताया कड़ा विरोध
प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध बिल में शामिल उस प्रावधान को लेकर था, जिसमें ट्रांसजेंडर पहचान की पुष्टि के लिए कथित रूप से अनिवार्य मेडिकल जांच का उल्लेख है। किन्नर समाज का कहना है कि यह प्रावधान उनकी गरिमा, निजता और सामाजिक पहचान के अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने इसे न केवल असंवेदनशील बल्कि अपमानजनक भी बताया।
परंपरा और आस्था पर चोट का आरोप
महामंडलेश्वर आरती नंदगिरी ने कहा कि किन्नर समाज की अपनी परंपराएं और सामाजिक संरचना होती है, जिसमें गद्दीपति और गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष महत्व है। ऐसे में मेडिकल जांच जैसे प्रावधान बुजुर्गों और पारंपरिक व्यवस्था की मर्यादा को ठेस पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बिल समाज की भावनाओं को नजरअंदाज कर तैयार किया गया प्रतीत होता है।

सरकार से संशोधन या बिल वापसी की मांग
प्रदर्शन के दौरान किन्नर समाज ने सरकार से मांग की कि या तो इस बिल को पूरी तरह वापस लिया जाए या फिर इसमें मौजूद आपत्तिजनक शर्तों को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना उनकी सहमति के ऐसे कानून लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किन्नर समाज ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन केवल अलीगढ़ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।
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