हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस टिप्पणी को न सिर्फ आपत्तिजनक बताया, बल्कि इसे एससी-एसटी समाज का अपमान भी करार दिया है।
अभद्र भाषा पर कांग्रेस का तीखा विरोध
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री ने खरगे के लिए अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया, जो पूरी तरह निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि खरगे एक वरिष्ठ, सम्मानित और लोकप्रिय दलित नेता हैं, जिनका राजनीतिक अनुभव और कद अतुलनीय है। कांग्रेस नेताओं ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें सरमा कथित रूप से ‘पागल’ शब्द का प्रयोग करते दिखाई दे रहे हैं।
एससी-एसटी समाज के सम्मान का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों एससी-एसटी समुदाय के लोगों के सम्मान से जुड़ा है। उनके मुताबिक, किसी दलित नेता के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल पूरे समाज का अपमान है। उन्होंने इसे एक गंभीर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा बताया।
बीजेपी-आरएसएस पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी और सुनियोजित मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई दलित नेता सच्चाई बोलता है, तब उसे अपमानित करने की कोशिश की जाती है। उन्होंने भीमराव आंबेडकर के सम्मान से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया।
प्रधानमंत्री से जवाब की मांग
राहुल गांधी ने सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या वह असम के मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की चुप्पी को सहमति के रूप में देखा जाएगा और यह जिम्मेदारी से बचने जैसा है।
इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक सम्मान से जोड़ रही है, वहीं भाजपा की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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