गोरखपुर रैली में भावुक हुए संजय निषाद
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित रैली के दौरान मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े। उन्होंने निषाद समाज से पार्टी को मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि “हमको ठगा और लूटा गया।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके समाज को अधिकारों से वंचित रखा गया और अब एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है।
2027 चुनाव का शंखनाद, बड़ी रैलियों की तैयारी
रैली से पहले करीब 3000 बाइक सवार कार्यकर्ताओं के साथ शक्ति प्रदर्शन किया गया। डॉ. संजय निषाद ने 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद करते हुए वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में भी बड़ी रैलियां करने की घोषणा की। उन्होंने निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने की मांग दोहराई।
सपा-बसपा पर लगाए आरोप
संजय निषाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने “पढ़ाई-लिखाई छीनी” जबकि बसपा पर “रोजी-रोटी छीनने” का आरोप लगाया। उन्होंने समाज से अपील की कि ठगों और बेईमानों का साथ छोड़कर अपनी पार्टी को मजबूत करें।
अखिलेश यादव का पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने संजय निषाद के रोने पर तंज कसते हुए कहा कि ये “पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के?” उन्होंने निषाद समाज से पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के साथ जुड़ने की अपील की और कहा कि अभी भी देर नहीं हुई है।
निषाद वोट बैंक पर सबकी नजर
प्रदेश में निषाद समाज का वोट करीब 4.5% माना जाता है, जो उपजातियों के साथ मिलकर लगभग 9% तक पहुंचता है। करीब 80 विधानसभा सीटों पर इसका सीधा प्रभाव है, जिससे 2027 चुनाव में इसकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
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