हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशभर में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया चलाई जाएगी। बिहार में SIR के सफल संचालन के बाद अब यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा रहा है।
SIR का उद्देश्य
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR का मकसद अयोग्य मतदाताओं को हटाना और योग्य नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है। उन्होंने बताया कि अनुच्छेद 326 के अनुसार भारत का नागरिक होना मतदाता बनने के लिए आवश्यक है। इस प्रक्रिया से फर्जी वोटरों पर रोक लगेगी और मतदाता सूची अधिक पारदर्शी बनेगी।
21 साल बाद फिर शुरू हुई SIR प्रक्रिया
CEC ने बताया कि देश में 21 वर्ष बाद SIR प्रक्रिया की जा रही है। आखिरी बार इसे 2004 में लागू किया गया था। चुनाव आयोग ने राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और जिला अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं, जिसके बाद इस निर्णय पर सहमति बनी।
हर घर पर तीन बार जाएंगे BLO
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि BLO (Booth Level Officer) प्रत्येक घर पर तीन बार जाकर मतदाता की जानकारी जुटाएंगे। सभी जानकारी को सुरक्षित कर जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। जिन राज्यों में SIR होगी, वहां की मतदाता सूची सोमवार रात 12 बजे से फ्रीज कर दी जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
राजनीतिक दलों को दी जाएगी जानकारी
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि SIR के दूसरे चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मतदान अधिकारियों का प्रशिक्षण मंगलवार से शुरू होगा। बुधवार तक सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर SIR की जानकारी साझा की जाएगी, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे।
SIR की प्रमुख तिथियां
- 28 अक्टूबर से 3 नवंबर: Enumeration forms प्रिंट करने की प्रक्रिया।
- 4 नवंबर से 4 दिसंबर: फॉर्म घर-घर वितरित किए जाएंगे।
- 9 दिसंबर: Enumeration forms में नामों का 2003 की सूची से मिलान।
- 9 दिसंबर से 8 जनवरी: मतदाता आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
- 9 जनवरी से 31 जनवरी: सभी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन।
- 7 जनवरी: अंतिम मतदाता सूची जारी होगी।
किन राज्यों में चलेगा SIR
दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, लक्षद्वीप, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार में SIR प्रक्रिया चलाई जाएगी।
चुनाव आयोग ने कहा कि इस व्यापक पुनरीक्षण से देश की मतदाता सूची अधिक विश्वसनीय और अद्यतन बनेगी, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।













