हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 7 मई : 2025,
बरेली, उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर जालसाज़ों को गिरफ्तार किया है, जो पूरे देश में फर्जी वेबसाइटों और पोर्टलों के जरिए नकली जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर ठगी का गोरखधंधा चला रहे थे। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी — देव सिंह और रवि सिंह — बरेली जिले के ग्राम खेड़ा, थाना भमोरा के निवासी हैं।
गिरफ्तारी और बरामदगी
STF की फील्ड यूनिट अयोध्या और बरेली की संयुक्त कार्रवाई में दोनों आरोपियों को 6 मई 2025 की शाम करीब 7 बजे बरेली के देवचरा कस्बे में स्थित एक साइबर कैफे से गिरफ्तार किया गया। मौके से टीम को दो लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, 26 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, चार फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, एक आधार कार्ड, एक ATM कार्ड और 2,000 रुपये नकद बरामद हुए।
सोशल मीडिया बना मुख्य जरिया
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेष रूप से फेसबुक के जरिए फर्जी पोर्टल बनाने वालों से संपर्क करते थे। इसके बाद वे विभिन्न फेसबुक ग्रुपों में अपने मोबाइल नंबर डालकर ग्राहकों से संपर्क साधते थे। इच्छुक लोग जब व्हाट्सएप पर उनसे जुड़ते, तो उन्हें एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजा जाता था।
इस वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के नाम पर मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी मांगी जाती थी, और फिर एक QR कोड दिखाया जाता था। इस QR कोड को स्कैन करते ही ग्राहक से 200 रुपये की राशि उनके डिजिटल वॉलेट में ट्रांसफर हो जाती थी। इसके बाद ग्राहक अपनी मर्जी से जानकारी भरकर फर्जी जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकता था—वह भी बिना किसी दस्तावेज या वैरिफिकेशन के।
28 लाख रुपये की कमाई, कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
STF की जांच में यह सामने आया है कि इस गिरोह ने पिछले तीन वर्षों में करीब 28 लाख रुपये की अवैध कमाई की है। ये रकम सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, जो फर्जी पोर्टलों से जुड़े हुए थे। पुलिस को आशंका है कि इन पोर्टलों का इस्तेमाल केवल जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि इनके माध्यम से फर्जी आधार कार्ड, पासपोर्ट, बैनामा, वसीयत और सरकारी योजनाओं में लाभ लेने जैसे गंभीर अपराध भी किए जा रहे थे।
कई राज्यों में फैली हो सकती है जड़ें
STF अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का हिस्सा है, जिसकी जड़ें उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों तक फैली हो सकती हैं। आगे की जांच में और भी नाम उजागर होने की संभावना है।
क्यों है यह कार्रवाई महत्वपूर्ण?
भारत में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र नागरिक की पहचान, सरकारी लाभ, शिक्षा, बैंकिंग, पासपोर्ट, और आधार कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों की नींव होते हैं। ऐसे में अगर ये दस्तावेज फर्जी बनाकर उपयोग किए जाएं, तो यह न केवल सिस्टम की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है।
STF की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी की घ