हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
बजट में नहीं मिला सीधा संकेत
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बजट 2026 से 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर बड़ी उम्मीदें थीं। हालांकि वित्त मंत्री के बजट भाषण और दस्तावेजों में आयोग के लागू होने को लेकर कोई सीधा ऐलान नहीं किया गया। इससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या 8वां वेतन आयोग साल 2026 में लागू नहीं होगा।
स्थापना व्यय के आंकड़ों से बढ़ी शंका
बजट 2026-27 में सरकार ने स्थापना व्यय (Establishment Expenditure) के लिए 8,24,114 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 7,82,701 करोड़ रुपये से 41,413 करोड़ रुपये अधिक है। जानकारों का मानना है कि यह बढ़ोतरी नई भर्तियों और महंगाई भत्ते (DA) जैसी नियमित मदों में खप सकती है। वेतन आयोग से जुड़ा अतिरिक्त बोझ इससे कहीं ज्यादा होता है। बजट में 8वें वेतन आयोग के लिए अलग से किसी आवंटन का उल्लेख न होना भी संदेह को मजबूत करता है।
1.19 करोड़ कर्मचारियों की उम्मीदें
देशभर में करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग से सैलरी और पेंशन बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई के बीच फिटमेंट फैक्टर में सुधार की मांग भी तेज है। लेकिन मौजूदा संकेत बताते हैं कि वेतन बढ़ोतरी में अभी और वक्त लग सकता है।
कब हुआ था आयोग का गठन
सरकार ने 15 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इसके करीब 10 महीने बाद, 28 अक्टूबर 2025 को इसका आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी हुआ। नोटिफिकेशन के अनुसार आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
कब मिल सकता है वास्तविक लाभ
अगर अक्टूबर 2025 से 18 महीने जोड़े जाएं, तो आयोग की रिपोर्ट जुलाई 2027 तक आने की संभावना बनती है। रिपोर्ट के बाद सरकार की मंजूरी और क्रियान्वयन में भी समय लगेगा। ऐसे में कर्मचारियों को वास्तविक सैलरी बढ़ोतरी का लाभ 2027 के मध्य या 2028 की शुरुआत में मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बजट 2026 के संकेत भी इसी दिशा में इशारा करते हैं कि 8वें वेतन आयोग से जुड़ा बड़ा ऐलान संभवतः बजट 2027 में हो सकता है।













