हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
मायके पक्ष की शिकायत पर जेल गया था पति
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक विवाहिता की हत्या का आरोप लगाकर उसके पति राजू तिवारी को जेल भेज दिया गया था। लेकिन करीब दो महीने बाद महिला दिल्ली में अपने मौसेरे भाई के साथ जिंदा बरामद हो गई, जिससे पूरे मामले में नया मोड़ आ गया है।
शादी के बाद से ही विवाद, पहले भी जा चुकी थी दिल्ली
अलवारा गांव निवासी योगेंद्र तिवारी ने बताया कि उनके बेटे राजू की शादी वर्ष 2016 में अंकिता तिवारी से हुई थी। आरोप है कि विवाह के बाद से ही अंकिता का व्यवहार ठीक नहीं था और वह अक्सर मायके में रहती थी। वर्ष 2024 में भी वह अपने मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ दिल्ली चली गई थी, तब समझौते के बाद मामला शांत हुआ था।
नकदी और जेवर लेकर फिर हुई गायब
बताया गया कि 21 जनवरी 2026 को अंकिता घर से नकदी और जेवर लेकर फिर गायब हो गई। इसके बाद 22 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसी बीच 20 फरवरी को मायके पक्ष ने साजिश के तहत ससुराल वालों पर हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
पुलिस दबाव में पति ने किया सरेंडर
हत्या के आरोप और पुलिस दबाव के चलते राजू तिवारी ने 27 फरवरी को अदालत में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद से वह जेल में बंद था। परिवार लगातार खुद को निर्दोष बताता रहा।
दिल्ली से जिंदा बरामद हुई महिला
पुलिस जांच के दौरान अंकिता को दिल्ली से उसके मौसेरे भाई के साथ बरामद कर लिया गया। इस खुलासे के बाद ससुर योगेंद्र तिवारी ने मायके पक्ष पर साजिश रचने और झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया।
मायके पक्ष के दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला की मां शारदा मिश्रा और भाई गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के अनुसार, मायके पक्ष ने सच्चाई छिपाकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया, जिससे एक निर्दोष व्यक्ति जेल चला गया।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल महिला का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और कोर्ट में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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