हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ पर बड़ा बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान की तैयारी 4 से 5 हफ्तों को ध्यान में रखकर की गई थी। हालांकि अमेरिका तय समयसीमा से आगे बढ़ चुका है, लेकिन जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन को और लंबा चलाया जा सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के पास इस अभियान को जारी रखने की पूरी क्षमता है।
मिशन के तीन मुख्य लक्ष्य
ट्रंप ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के उद्देश्यों को साफ करते हुए कहा कि पहला लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है। दूसरा, उसकी नौसेना को तबाह करना और तीसरा, ईरान को किसी भी हाल में परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम उसके परमाणु हथियारों की योजना की सुरक्षा के लिए था, जो मध्य-पूर्व और अमेरिका के लिए गंभीर खतरा बन सकता था।
‘ईरान आतंक फैलाने वाला देश’
अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान को दुनिया में आतंक फैलाने वाला देश बताया। उन्होंने कहा कि ईरान मध्य-पूर्व में कई आतंकी संगठनों को हथियार, धन और निर्देश देता रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका की चेतावनियों को नजरअंदाज किया और अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने से इनकार कर दिया था।
10 युद्धपोत तबाह, सैनिकों को श्रद्धांजलि
ट्रंप ने दावा किया कि अब तक ईरान के 10 युद्धपोत नष्ट किए जा चुके हैं। उन्होंने अपने पुराने फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को भी मार गिराया था। इस अभियान के दौरान मारे गए चार अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानी मिशन को और मजबूती देगी।
व्हाइट हाउस में बॉलरूम का जिक्र
व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में दिए गए भाषण के दौरान ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों का आभार जताया। साथ ही वेस्ट विंग में बनने वाले नए बॉलरूम का जिक्र करते हुए कहा कि यह सुंदर इमारत होगी और इसकी लागत करीब 400 मिलियन डॉलर या उससे कम रहने की उम्मीद है।
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