हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप का पलटवार
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर वैश्विक व्यापार में हलचल मचा दी है। Supreme Court of the United States द्वारा पुराने टैरिफ खारिज किए जाने के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने सभी देशों के आयात पर पहले 10% और फिर बढ़ाकर 15% ग्लोबल टैक्स लगाने की घोषणा कर दी। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और कई देशों की व्यापार रणनीतियां बदलने लगी हैं।
भारत के लिए अवसर
भारत के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। पहले भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका 50% तक शुल्क लगा चुका था, जिसे घटाकर 25% और हाल में 18% किया गया था। अब 15% की नई दर भारतीय निर्यातकों के लिए ज्यादा अनुकूल है। इससे टेक्सटाइल, फार्मा और इंजीनियरिंग सामान के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह भारतीय कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा मजबूत करने का मौका है।
चीन और मेक्सिको को भी राहत
अदालती फैसले के बाद फेंटेनाइल से जुड़े अतिरिक्त शुल्क हटने से चीन को भी फायदा हुआ है। China ने अमेरिका से एकतरफा नीतियां खत्म करने की अपील की है। वहीं Mexico को भी अतिरिक्त करों से राहत मिली है।
ब्रिटेन पर सबसे ज्यादा असर
सबसे बड़ा झटका United Kingdom को लगा है। पहले 10% की दर से लाभ उठा रहा ब्रिटेन अब 15% टैरिफ से प्रभावित होगा। ब्रिटिश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के अनुसार इससे लगभग 4 बिलियन डॉलर का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और करीब 40,000 कंपनियां प्रभावित होंगी।
यूरोपीय संघ की नाराजगी
European Commission ने अमेरिका से पुराने व्यापार समझौते का सम्मान करने को कहा है। Bernd Lange ने संकेत दिया है कि यदि स्पष्टता नहीं मिली तो समझौते की पुष्टि प्रक्रिया रोकी जा सकती है।
दुनिया की नजर अब अमेरिका की अगली व्यापारिक रणनीति पर टिकी है।
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