हिन्दुस्तान मिरर न्यूज,28 जून 2025
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के दो अभियंताओं पर विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई शासन के निर्देश पर की गई है। अभियंताओं ने आरोप लगाया है कि यह साजिश उनके निजीकरण विरोधी आंदोलन से जुड़ी है और उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुकदमा ठाकुरगंज वितरण खंड के सहायक अभियंता जितेंद्र सिंह गुर्जर और उन्नाव में तैनात अभियंता जय प्रकाश भारतीय पर दर्ज किया गया है। विजिलेंस जांच में पाया गया कि गुर्जर ने वैध स्रोतों से 66 लाख रुपये की आय के मुकाबले 75.88 लाख रुपये खर्च किए। वहीं, जय प्रकाश भारतीय की आय 1.07 करोड़ थी, जबकि उन्होंने 1.46 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया।
जितेंद्र सिंह गुर्जर, जो राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव भी हैं, ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई बिजली निजीकरण के खिलाफ हुए आंदोलन का बदला है। उन्होंने कहा, “हम डरेंगे नहीं, झुकेंगे नहीं। निजीकरण किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।” उन्होंने पॉवर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल की संपत्ति की भी जांच की मांग की है।
फिलहाल विजिलेंस की नजर 11 अन्य अभियंताओं पर भी है, जिनके खिलाफ जल्द रिपोर्ट दर्ज हो सकती है।














