बांदा (उत्तर प्रदेश)।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से पुलिसिया बर्बरता का एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। चोरी का जुर्म कबूल न करने पर एक दारोगा द्वारा युवक को थर्ड डिग्री देने, उसकी उंगलियां तोड़ने और परिजनों के सामने जबरन पेशाब पिलाने के आरोप लगे हैं। पीड़ित की शिकायत पर अदालत के आदेश से चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
पुलिस से शिकायत, नहीं मिली राहत
पीड़ित युवक पप्पू का आरोप है कि उसने पहले इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से की, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूर होकर उसने अदालत का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस को केस दर्ज करना पड़ा है और जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, पुलिस का दावा है कि यह मामला पेशबंदी का है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
चोरी की जांच से शुरू हुआ विवाद
मामला पैलानी थाना क्षेत्र का है। एफआईआर के मुताबिक, 25 अगस्त 2025 को पिपरहरी गांव में एक घर में चोरी की घटना हुई थी। पुलिस ने गांव निवासी पप्पू को पूछताछ के लिए बुलाया और बाद में छोड़ दिया। आरोप है कि इसके बाद गांव के कुछ दबंगों ने उसे अपने घर बुलाकर चोरी को लेकर दबाव बनाया और मारपीट की। इसी दौरान पुलिस मौके पर पहुंची और पप्पू को खप्टिहा कला चौकी ले गई।
चौकी में थर्ड डिग्री का आरोप
पीड़ित का कहना है कि चौकी इंचार्ज हरिशरण सिंह ने चोरी का माल बताने के लिए बेरहमी से उसकी पिटाई की और हाथ की उंगलियां तक तोड़ दीं। उसकी मां और पत्नी चौकी में मौजूद थीं और रहम की गुहार लगाती रहीं, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आरोप है कि दबंगों में से एक व्यक्ति ने गिलास में पेशाब किया और उसे जबरन पिलाया गया। साथ ही, घटना का खुलासा करने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी गई।
कोर्ट के आदेश से दर्ज हुआ मुकदमा
अदालत के हस्तक्षेप के बाद चौकी इंचार्ज समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।















