हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 11 मई : 2025,
अलीगढ़, उत्तर प्रदेश: देश के सबसे महत्वाकांक्षी रक्षा प्रोजेक्ट्स में से एक, उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत अलीगढ़ नोड में रक्षा उत्पादन की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अंडला क्षेत्र स्थित इस नोड में सीमा सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक ड्रोन, माइंस, सेंसर और अन्य रक्षा उपकरणों के निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू होने जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन रक्षा इकाइयों में निर्माण कार्य अगले एक-दो माह में शुरू हो सकता है।
गौरतलब है कि अलीगढ़ नोड की आधारशिला 14 सितंबर, 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में रखी थी। इस नोड में कुल 20 आवंटियों को औद्योगिक प्लॉट दिए गए हैं, जिनमें से तीन यूनिटों में पहले ही उत्पादन शुरू हो चुका है।
पहले से कार्यरत यूनिटों की स्थिति
इनमें से एक यूनिट निजी क्षेत्र के लिए हथियार और कारतूस का निर्माण कर रही है, जबकि दूसरी इसरो के लिए सेटेलाइट मार्किंग का कार्य करती है। तीसरी यूनिट में विशेष प्रकार के तकनीकी उपकरणों का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि ये उत्पाद सीधे सैन्य उपयोग के नहीं हैं, लेकिन रक्षा तकनीक में योगदान देने वाले हैं।
सीधे सैन्य उपयोग की इकाइयां होंगी मुख्य आकर्षण
अब, दो नई यूनिटें सीधे सेनाओं के लिए उत्पाद बनाने जा रही हैं। इनमें ड्रोन, बारूदी सुरंग पहचान प्रणाली, निगरानी सेंसर जैसे हाई-टेक सिस्टम्स शामिल हैं। एक इकाई अपनी पुरानी यूनिट में आंशिक उत्पादन पहले से कर रही है, लेकिन अलीगढ़ में स्थापित नई यूनिट से बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी की जा रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के परिप्रेक्ष्य में बढ़ती महत्ता
देश की पश्चिमी सीमा पर हाल ही में उत्पन्न हुए तनाव के मद्देनज़र गृह एवं रक्षा मंत्रालय भी इन इकाइयों की प्रगति पर नजर बनाए हुए है। इन इकाइयों से तैयार होने वाले उपकरणों की आवश्यकता सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।
रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर कदम
डिफेंस कॉरिडोर का यह विस्तार ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अलीगढ़ नोड, बुंदेलखंड से लेकर लखनऊ तक फैले इस कॉरिडोर के सबसे सक्रिय और रणनीतिक हिस्सों में से एक बनता जा रहा है।
स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार, विकसित होगा क्षेत्र
इन रक्षा इकाइयों के निर्माण और संचालन से न सिर्फ देश की सुरक्षा प्रणाली मजबूत होगी, बल्कि अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्र में युवाओं को तकनीकी रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। स्थानीय उद्योगों को भी सहायक भूमिका निभाने का मौका मिलेगा, जिससे समग्र क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।













