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राष्ट्रपति मुर्मू का बड़ा आदेश: केंद्र शासित प्रदेशों में Industrial Relations Code लागू करेंगे प्रशासक

नई दिल्ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने केंद्र शासित प्रदेशों (Union Territories) में श्रम कानूनों के प्रभावी और एकरूप कार्यान्वयन की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। राष्ट्रपति ने आदेश जारी कर सभी केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों और उपराज्यपालों को औद्योगिक संबंध संहिता (Industrial Relations Code), 2020 के अंतर्गत “उपयुक्त सरकार” की शक्तियों का प्रयोग करने के लिए अधिकृत किया है। इस फैसले का उद्देश्य देशभर के केंद्र शासित प्रदेशों में श्रम कानूनों को लेकर स्पष्टता, समानता और कानूनी निश्चितता सुनिश्चित करना है।

अनुच्छेद 239 के तहत जारी हुआ आदेश

यह निर्देश संविधान के अनुच्छेद 239 के खंड (1) के अंतर्गत जारी किया गया है। इसके साथ ही 16 जनवरी 2023 और 22 जून 2023 को जारी की गई पूर्व अधिसूचनाओं को निरस्त कर दिया गया है। हालांकि, गृह मंत्रालय द्वारा 2 जनवरी को जारी नई अधिसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि पिछली अधिसूचनाओं के तहत पहले से की गई या छोड़ी गई कार्रवाइयों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, जिससे प्रशासनिक निरंतरता बनी रहेगी।

किन केंद्र शासित प्रदेशों पर होगा लागू

अधिसूचना के अनुसार, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव, चंडीगढ़, पुडुचेरी, लक्षद्वीप, लद्दाख तथा जम्मू-कश्मीर के प्रशासक या उपराज्यपाल, राष्ट्रपति के नियंत्रण के अधीन रहते हुए और अगले आदेश तक, Industrial Relations Code, 2020 के तहत उपयुक्त सरकार या राज्य सरकार की शक्तियों का प्रयोग करेंगे।

श्रम कानूनों में आएगी एकरूपता

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से केंद्र शासित प्रदेशों में श्रमिकों और उद्योगों से जुड़े मामलों में निर्णय प्रक्रिया सरल होगी। अलग-अलग व्याख्याओं और अधिकारों को लेकर जो भ्रम बना रहता था, वह भी दूर होगा। इससे औद्योगिक विवादों के निपटारे, यूनियन पंजीकरण और श्रमिक अधिकारों के संरक्षण में स्पष्ट दिशा मिलेगी।

कानूनी स्पष्टता की दिशा में कदम

यह फैसला केंद्र सरकार के उस प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत नए श्रम संहिताओं को देशभर में प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके। इससे निवेश माहौल को भी मजबूती मिलने और श्रम-प्रबंधन संबंधों में संतुलन बनने की उम्मीद है।

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