1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
भदोही, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले को नई पहचान देने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब भदोही जिले का नाम ‘संत रविदास नगर भदोही’ होगा। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण को संबोधित करते हुए की। इस दौरान उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
मुख्यमंत्री ने संत रविदास के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संत ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी तरह का भेदभाव न हो और सभी को अन्न मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में जिले का नाम संत रविदास के नाम पर होना उनकी विचारधारा को सम्मान देने वाला कदम है।
योगी ने कहा कि भदोही की कालीन कला को वैश्विक पहचान मिल रही है। अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में करीब 250 प्रदर्शक और 65 देशों से लगभग 450 विदेशी खरीदार पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कारीगरों को तकनीक, बेहतर डिजाइन और बाजार उपलब्ध कराने से कालीन उद्योग को नई गति मिली है। अकेले भदोही से करीब 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है।
2017 से पहले बदहाल था प्रदेश : योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में निराशा, अराजकता, माफिया राज, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और दंगों का माहौल था। कारीगरों को बिजली, सड़क, बाजार और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों की ‘बीमारू मानसिकता’ ने उत्तर प्रदेश को बीमारू अर्थव्यवस्था में बदल दिया था।
योगी ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों को बाजार और पहचान मिली है। इसका लाभ भदोही के कालीन उद्योग और यहां के कारीगरों को भी मिला है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाने में सफलता मिली है।
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