हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
बिहार के रोहतास और औरंगाबाद जिलों के बीच दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-19) पर पिछले चार दिनों से भीषण ट्रैफिक जाम लगा हुआ है। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद यह जाम 65 किलोमीटर तक फैल गया है। स्थिति यह है कि वाहन 30 घंटे में केवल 7 किलोमीटर का सफर तय कर पा रहे हैं। सैकड़ों ट्रक, बसें और निजी वाहन सड़क पर एक-दूसरे से सटे हुए खड़े हैं, जिससे यात्रियों की मुश्किलें चरम पर हैं।

बारिश के कारण हाईवे निर्माण कंपनी द्वारा बनाए गए सर्विस लेन और डायवर्जन जलमग्न हो गए हैं। पानी भरने और सड़क टूटने से गाड़ियां फिसल रही हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। चार दिन बीत जाने के बावजूद न तो राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और न ही स्थानीय प्रशासन ने कोई राहत कार्य शुरू किया है। यात्रियों का कहना है कि न खाने-पीने की सुविधा है और न ही सुरक्षा के इंतजाम। कई ट्रक चालक 30 घंटे से अधिक समय से जाम में फंसे हैं और केवल 7 किलोमीटर का सफर तय कर पाए हैं।
इस लंबे जाम का असर व्यापार पर भी भारी पड़ा है। ट्रकों में लदे फल, सब्जियां और अन्य सामान सड़ने लगे हैं, जिससे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान होने की आशंका है। इमरजेंसी सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं — एंबुलेंस और जरूरी वाहनों को रास्ता नहीं मिल पा रहा। महिलाओं और बच्चों की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है। एनएचएआई प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत वर्मा ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है।

















