हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑ बुधवार 28 मई 2025 अलीगढ़
अलीगढ़ |
अलीगढ़ के अलहदादपुर में मीट से भरे एक लोडर को लेकर हुई हिंसा के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि पकड़े गए मीट के नमूनों में भैंस का मांस पाया गया है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा लिए गए चार नमूने मथुरा लैब भेजे गए थे, जिनकी रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मांस भैंस का है, न कि किसी संरक्षित गोवंश का। इसी आधार पर व्यापारियों पर दर्ज मुकदमे से उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम की धाराएं हटाई जाएंगी।
हालांकि, एसपी ग्रामीण अमृत जैन के अनुसार, मांस के परिवहन में नियमों की अनदेखी और व्यापारिक प्रावधानों के उल्लंघन की जांच अभी जारी रहेगी। इस संबंध में संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक समन्वय प्रक्रिया तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जीएसटी विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस को शामिल किया जाएगा।
सीसीटीवी और क्यूआर कोड से होगी निगरानी
प्रशासन विचार कर रहा है कि मीट परिवहन करने वाले वाहनों पर क्यूआर कोड लगाया जाए और उन पर सीसीटीवी कैमरे भी अनिवार्य किए जाएं। इसका उद्देश्य यह है कि यदि कोई व्यक्ति या समूह वाहन को रोककर हिंसा या अवरोध करता है तो उसकी पहचान कैमरे के माध्यम से की जा सके।
भीड़ ने की थी मारपीट, वाहन में लगाई थी आग
यह मामला 24 मई की सुबह का है जब गांव अलहदादपुर के पास मीट से लदा एक लोडर पकड़ा गया था। संरक्षित पशु का मांस होने के संदेह में भीड़ उग्र हो गई और लोडर को आग के हवाले कर दिया। लोडर में सवार मीट व्यापारी कदीम (32), अकील (35), अरबाज (38) व एक अन्य अकील, सभी निवासी पक्की गढ़ी, अतरौली को पीटकर घायल कर दिया गया। पुलिस ने चारों को भीड़ से बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया था। सभी का इलाज जैन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
हमलावरों पर पुलिस का शिकंजा, एक और आरोपी गिरफ्तार
मीट व्यापारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। हरदुआगंज पुलिस ने मंगलवार को भानु प्रताप उर्फ भूरा, निवासी अलहदादपुर को बीज गोदाम के पास से गिरफ्तार किया। इसके पहले भी तीन नामजद आरोपी पकड़े जा चुके हैं। पुलिस ने घटना के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीन और संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उनकी मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन भी खंगाली जा रही है।
















