हिन्दुस्तान मिरर न्यूज
लखनऊ, 3 जुलाई 2025 — उत्तर प्रदेश सरकार ने निजी सुरक्षा एजेंसियों के संचालन को नियमित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में शासन द्वारा जारी आदेश में Private Security Agencies Regulation Act, 2005 के तहत पंजीकृत एजेंसियों को उनके कार्य संचालन, कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया, लाइसेंस की वैधता और दैनिक समय-सीमा को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
यह आदेश 05 नवंबर 2024 तक प्रभावी रहेगा और इसके अंतर्गत पंजीकृत सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार सेवा संचालन करना होगा। यह आदेश पहले से लागू शासनादेशों और विनियमों के अनुपालन में पारित किया गया है, जिसमें साल 1998, 2009, 2010 और 2019 के आदेशों का भी संदर्भ है।
🔹 मुख्य निर्णय बिंदु:
- निजी सुरक्षा एजेंसियों को 05.11.2024 तक वैध लाइसेंस: शासनादेश संख्या 31/2023/1681311/18-2-2023-12(VHO4O)/2010, दिनांक 06 मई 2023 के अंतर्गत यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित एजेंसी को Private Security Agencies Regulation Act, 2005 के तहत संचालन की स्वीकृति दी गई है।
- कार्य समय: सुबह 8:00 से रात 10:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
- कर्मचारियों की नियुक्ति “Hire or Reward” के आधार पर: सभी नियुक्तियां सेवा के बदले पारिश्रमिक की स्पष्ट व्यवस्था के तहत होंगी।
- पुराने शासनादेशों का प्रभावी संदर्भ: 1998, 2009 और 2013 के शासनादेशों का पालन सुनिश्चित किया गया है।
- ‘फैसला 2019’ के प्रावधानों को किया गया लागू: प्रशिक्षण, शर्तें और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम।
- Hire or Reward के तहत चालकों की सेवाएं: चालकों की नियोजन भी इसी श्रेणी में स्वीकृत।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निजी सुरक्षा सेवाओं को लेकर विगत वर्षों में कई बार दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। 1998 और 2009 में जारी शासनादेशों ने प्रारंभिक रूपरेखा दी थी, जिसे अब समय की आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधित किया गया है।
कर्मचारियों के हितों की रक्षा
यह आदेश स्पष्ट करता है कि अब सुरक्षाकर्मियों को लिखित अनुबंध, पारिश्रमिक और समयबद्ध कार्य का लाभ मिलेगा। इससे न केवल सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि कर्मचारियों के जीवन स्तर में भी सुधार होगा।
एजेंसियों पर असर
प्रदेश की सभी निजी सुरक्षा एजेंसियों को अब नियमों के तहत कार्य करना होगा। किसी भी उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। एजेंसियों को कर्मचारियों का प्रशिक्षण, अनुबंध, समय सीमा और वेतन से संबंधित सभी प्रावधानों का पालन करना होगा।
प्रतिक्रियाएं और प्रभाव
नोएडा, लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों की हाउसिंग सोसाइटियों और निजी संस्थानों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। स्थानीय प्रबंधन समितियों ने सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा है कि अब सेवा गुणवत्ता और श्रमिक सुरक्षा में संतुलन आएगा।
विशेषज्ञों की राय
पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और कानूनी विशेषज्ञों ने इस आदेश को श्रमिक हित और शासन क्षमता दोनों के लिए सकारात्मक बताया है। Hire or Reward की परिभाषा को स्पष्ट करना बड़ा सुधार बताया गया है।
भविष्य की योजनाएं
शासन एक डिजिटल पोर्टल बनाने पर विचार कर रहा है जिसमें एजेंसियों की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, निरीक्षण और रिकॉर्डिंग संभव होगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेगी।
नया आदेश निजी सुरक्षा क्षेत्र के लिए एक सशक्त ढांचा प्रस्तुत करता है। यह आदेश न केवल शासन व्यवस्था को प्रभावी बनाएगा, बल्कि सुरक्षाकर्मियों और आम नागरिकों दोनों के हितों की रक्षा करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार का यह प्रयास निजी सुरक्षा सेवाओं को एक नई दिशा देगा।