हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अलीगढ़, 14 अगस्त — ‘नशा मुक्त भारत अभियान 2025’ के अंतर्गत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विभिन्न विभागों और संस्थानों में नशे के दुष्प्रभावों पर जनजागरूकता बढ़ाने, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करने और नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु शपथ ग्रहण समारोह व विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।

व्यवसाय प्रबंधन विभाग में विभागाध्यक्ष प्रो. सलमा अहमद ने नशा विरोधी शपथ दिलाते हुए कहा कि नशा उन्मूलन में सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशा मुक्त वातावरण बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर शिक्षक, शोध छात्र व विद्यार्थी उपस्थित रहे और नशे से दूर रहने की शपथ ली।
भाषाविज्ञान विभाग में विभागाध्यक्ष मसूद अली बेग ने छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को शपथ दिलाई। अपने संबोधन में उन्होंने सकारात्मक चिंतन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सच्चा इंसान वही है जो सभी गलत कार्यों से मुक्त होकर मानवता की सेवा करे।

वाणिज्य विभाग ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की। प्रो. मोहम्मद आसिफ, प्रो. नगमा अजहर और डॉ. जियाउल इस्लाम ने छात्रों को नशे के शारीरिक, मानसिक व सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थ न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं बल्कि समाज के विकास में भी बाधक हैं।
एएमयू गर्ल्स स्कूल में प्राचार्या आमना मलिक के नेतृत्व में विशेष शपथ समारोह आयोजित हुआ। उन्होंने नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान पर प्रकाश डाला। छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे। उप-प्राचार्या अल्का अग्रवाल ने स्वस्थ समुदाय निर्माण का आह्वान किया और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

एएमयू सिटी गर्ल्स हाई स्कूल में छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें नशे के सामाजिक, भावनात्मक व स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणाम दर्शाए गए। प्रस्तुति के बाद प्राचार्य मोहम्मद जावेद अख्तर ने सभी को शपथ दिलाई और युवाओं से आत्म-अनुशासन बनाए रखने की अपील की।

सरोजिनी नायडू हॉल में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ की पाँचवीं वर्षगांठ पर शिक्षा मंत्रालय व नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के निर्देशानुसार शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ। प्रोवोस्ट प्रो. उरूस इलियास ने वार्डन, स्टाफ व कर्मचारियों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे और अपने आसपास नशा मुक्त माहौल बनाने में सहयोग करेंगे।
इन सभी आयोजनों के माध्यम से एएमयू ने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने, आत्म-अनुशासन को प्रोत्साहित करने और स्वस्थ, नशा मुक्त समाज के निर्माण की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।















