अलीगढ़, 1 सितंबरः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग द्वारा मास्टर ऑफ सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) प्रथम सेमेस्टर के छात्रों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नेतृत्व एवं व्यक्तित्व विकास और एंटी-रैगिंग जागरूकता विषयों पर व्याख्यान आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में एएमयू के रजिस्ट्रार मोहम्मद इमरान, आईपीएस ने नेतृत्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेतृत्व केवल एक पद नहीं, बल्कि ईमानदारी, सहानुभूति, अनुशासन और दूसरों का मार्गदर्शन करने की क्षमता से जुड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन समाचार पत्र पढ़ने, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक घटनाओं से अपडेट रहने और प्रभावी संवाद कौशल विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने समय प्रबंधन और आत्ममंथन को अनुशासित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार पेशेवर बनने के लिए आवश्यक बताया। उनका प्रेरणादायक संबोधन छात्रों को समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने वाले नेताओं के रूप में विकसित होने की प्रेरणा देता है।
इससे पूर्व प्रोक्टर प्रो. एम. वसीम अली ने छात्रों को एंटी-रैगिंग उपायों और परिसर की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। उन्होंने एंटी-रैगिंग अधिनियम, 2009 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी और बताया कि रैगिंग किसी भी रूप में दंडनीय अपराध है, जिसकी कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्यवाही होती है। उन्होंने पूर्व मामलों का हवाला देते हुए बताया कि विश्वविद्यालय और यूजीसी ने शिकायतों पर सख्ती से कार्रवाई की है और ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई है। उन्होंने एंटी-रैगिंग समितियों की भूमिका, शिकायत निवारण प्रणाली और परस्पर सम्मान, अनुशासन और गरिमा बनाए रखने की अपील की। प्रो. अली ने नए छात्रों को मेहनत, ईमानदारी और जिम्मेदारी को सफलता की कुंजी बताया।
कार्यक्रम में प्रो. इकराम हुसैन, डीन, संकाय सामाजिक विज्ञान, प्रो. नसीम अहमद खान (सेवानिवृत्त) और समाज कार्य विभाग के शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मोहम्मद आरिफ खान ने किया, जबकि डॉ. मोहम्मद उज़ैर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और वक्ताओं के बहुमूल्य विचारों की सराहना की।















