हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रशिक्षुओं को पहले के 6,800 रुपये की जगह 12,300 रुपये मासिक स्टायपेंड मिलेगा। यह संशोधन प्रशिक्षुता नियम 1992 में बदलाव के तहत किया गया है। नई अधिसूचना हाल ही में कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी की अध्यक्षता में हुई 38वीं केंद्रीय अप्रेंटिसशिप परिषद की बैठक के बाद जारी हुई।
युवाओं और उद्योग दोनों को फायदा
सरकार का मानना है कि इस बदलाव से अधिक युवा अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण की ओर आकर्षित होंगे। वहीं उद्योगों को भी कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध हो सकेगा। इससे देश में डिग्री अप्रेंटिसशिप को मजबूती मिलेगी और युवाओं को व्यावहारिक अनुभव के साथ-साथ आर्थिक सहारा भी मिलेगा।
शामिल हुए अहम सुधार
नई अधिसूचना में केवल स्टायपेंड ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुधार भी शामिल किए गए हैं। इनमें
- दूरस्थ और वर्चुअल अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण की सुविधा,
- क्षेत्रीय बोर्डों का विस्तार,
- उद्योगों का व्यापक कवरेज,
- और मानक विकलांगता वाले व्यक्तियों के लिए समावेशिता सुनिश्चित करने जैसे कदम शामिल हैं।
बड़ा अवसर बनेगा अप्रेंटिसशिप
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस फैसले से युवाओं के लिए रोजगार और उद्योग जगत के लिए कुशल कार्यबल दोनों को बढ़ावा मिलेगा। अप्रेंटिसशिप अब केवल प्रशिक्षण का साधन नहीं, बल्कि सुनिश्चित करियर अवसर का माध्यम बन सकेगा।













