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गांव से ग्लोबल तक: श्रीधर वेम्बू और ZOHO की प्रेरणादायक कहानी

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

आज जब भारतीय मैसेजिंग ऐप Arattai चर्चा में है, तो इसके पीछे खड़े नाम को जानना जरूरी है। यह ऐप किसी विदेशी कंपनी ने नहीं बल्कि Zoho Corporation ने बनाया है। Zoho की पहचान सिर्फ चैटिंग ऐप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कंपनी बिजनेस और ऑफिस टूल्स की दुनिया में Microsoft जैसे दिग्गज को टक्कर दे रही है।

कौन हैं श्रीधर वेम्बू?

श्रीधर वेम्बू का जन्म 1968 में तमिलनाडु के तंजावुर जिले के एक साधारण परिवार में हुआ। वे पढ़ाई में शुरू से ही बेहद तेज थे। उन्होंने 1989 में आईआईटी मद्रास से बीटेक किया और उसके बाद अमेरिका के प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से मास्टर्स और पीएचडी पूरी की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अमेरिका की Qualcomm कंपनी में काम किया, लेकिन हमेशा से कुछ अपना करने की चाह उन्हें भारत वापस ले आई।

Zoho की शुरुआत और सफर

1996 में उन्होंने अपने भाइयों और साथी टोनी थॉमस के साथ AdventNet नामक कंपनी शुरू की, जो आगे चलकर 2009 में Zoho Corporation बनी। खास बात यह है कि वेम्बू ने कंपनी को बड़े शहरों से दूर ग्रामीण तमिलनाडु में शिफ्ट किया। उनका मानना है कि गांव से भी दुनिया का बेहतरीन सॉफ्टवेयर बनाया जा सकता है। आज Zoho के कई ऑफिस गांवों से ही संचालित होते हैं।

Zoho के प्रमुख प्रोडक्ट्स और Arattai ऐप

Zoho के पास बिजनेस और ऑफिस से जुड़े टूल्स की लंबी लिस्ट है, जो सीधे-सीधे Microsoft के विकल्प माने जाते हैं। इनमें शामिल हैं: Zoho Mail, Zoho Writer, Zoho Sheet, Zoho Books, Zoho People, Zoho Cliq, Zoho Meeting, Zoho Social, Zoho Creator, Zoho Vault आदि। हाल ही में लॉन्च हुआ Arattai ऐप WhatsApp का देसी विकल्प माना जा रहा है और कुछ ही दिनों में यह ऐप स्टोर पर नंबर-1 पर पहुंच गया।

टैलेंट डेवलपमेंट और सोच

वेम्बू ने युवाओं को तैयार करने के लिए Zoho Schools of Learning की शुरुआत की, जहां ग्रामीण युवाओं को ट्रेनिंग देकर नौकरी दी जाती है। इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिला। उनका विजन है कि बड़े शहरों या विदेशी निवेश पर निर्भर हुए बिना भी भारत से ग्लोबल कंपनियां खड़ी की जा सकती हैं।

उपलब्धियां और सम्मान

श्रीधर वेम्बू ने बिना किसी बाहरी निवेश के कंपनी को खड़ा किया। 2021 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 2024 तक उनकी नेटवर्थ करीब 5.8 बिलियन डॉलर हो गई, जिससे वे भारत के शीर्ष 40 अमीरों में शामिल हो गए।

श्रीधर वेम्बू ने साबित किया कि सही सोच, जुनून और स्वदेशी भावना के साथ गांव से भी ग्लोबल स्तर की कंपनी खड़ी की जा सकती है। आज Zoho सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि भारत के उस आत्मनिर्भर विजन का प्रतीक है जो दुनिया को दिखाता है कि भारतीय टैलेंट किसी भी दिग्गज को चुनौती देने की क्षमता रखता है।

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