हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
असम के प्रसिद्ध गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत की जांच में बड़ा मोड़ आ गया है। जांच टीम ने शुक्रवार को उनके दो निजी सुरक्षा कर्मियों—नंदेश्वर बोरा और परेश बैश्य—को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी ज़ुबीन के चचेरे भाई और असम पुलिस सेवा के अधिकारी संदीपन गर्ग की गिरफ्तारी के एक दिन बाद हुई। दोनों सुरक्षा अधिकारी लंबे समय से ज़ुबीन के साथ काम कर रहे थे और उन्हें कामरूप जिले में नियुक्त किया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, इन सुरक्षा अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है। पिछले चार से पांच वर्षों में उनके खातों में 1 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ था। नंदेश्वर बोरा के खाते में लगभग 70 लाख रुपये, जबकि परेश बैश्य के खाते में 40 लाख रुपये पाए गए। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन पैसों का उपयोग ज़ुबीन सामाजिक कार्यों और गरीबों की मदद के लिए करते थे।
ज़ुबीन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा कि यह राशि सामाजिक कार्यों के लिए ही थी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने अपने लेन-देन की डायरी और बैंक स्टेटमेंट तैयार किए थे। हालांकि, गरिमा ने यह भी कहा कि उन्हें इन वित्तीय गतिविधियों की जानकारी नहीं थी और उन्होंने जांच एजेंसियों से अनुरोध किया कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।
गरिमा ने अपने पति की मृत्यु के दिन उनके साथ हुए व्यवहार पर गहरा दुख जताया। उन्होंने यह सवाल उठाया कि ज़ुबीन के अंतिम क्षणों के वीडियो ऑनलाइन क्यों साझा किए जा रहे हैं, जबकि यह परिवार की निजता का गंभीर उल्लंघन है।
ज़ुबीन की बहन पाल्मे बोरठाकुर और गरिमा दोनों ने सिंगापुर में पिछले महीने हुई ज़ुबीन की मृत्यु की परिस्थितियों पर न्याय और पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि जांच का उद्देश्य केवल यह पता लगाना होना चाहिए कि ज़ुबीन की मौत कैसे और किन परिस्थितियों में हुई।













