हिन्दुस्तान मिरर: अलीगढ़, 25 मार्च: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (जेएनएमसी) के फार्माकोलॉजी विभाग ने ‘इंटर-प्रोफेशनल चिकित्सा पाठ्यक्रम में रोगी सुरक्षा और गुणवत्ता (पीएसक्यू)’ विषय पर एक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व अंतिम वर्ष के रेजिडेंट्स ने किया और इसमें शिक्षकों, नर्सिंग पेशेवरों और छात्रों ने भाग लिया।
रोगी सुरक्षा को चिकित्सा शिक्षा में एकीकृत करने पर जोर
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य शिक्षा में रोगी सुरक्षा के सिद्धांतों को एकीकृत करना था, जिससे चिकित्सा और नर्सिंग पाठ्यक्रमों में गुणवत्ता और दक्षता को बढ़ाया जा सके।
उद्घाटन और स्वागत
कार्यक्रम का उद्घाटन नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर फरहा आजमी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर सैयद जियाउर रहमान ने स्वागत भाषण दिया और इंटर-प्रोफेशनल शिक्षा, सिमुलेशन-आधारित लर्निंग और रोगी सुरक्षा को चिकित्सा पाठ्यक्रम में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
महत्वपूर्ण सत्र और विशेषज्ञ व्याख्यान
1. बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम 2022 और रोगी सुरक्षा
- व्याख्यान: डॉ. श्रीमेध चटर्जी
- विषय: संरचित नर्सिंग शिक्षा की भूमिका और रोगी सुरक्षा जागरूकता में उसका महत्व।
- अध्यक्षता: प्रो. फरहा आजमी
2. दवा सुरक्षा और सुरक्षित प्रिस्क्रिप्शन प्रक्रिया
- प्रस्तुति: डॉ. अम्मार खालिद
- विषय: दवा की गलतियों को रोकने और सुरक्षित प्रिस्क्रिप्शन सुनिश्चित करने के उपाय।
- अध्यक्षता: डॉ. जमीला अहमद
3. इंटर-प्रोफेशनल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में टीम वर्क
- प्रस्तुति: डॉ. आदित्य विक्रम सिंह
- विषय: स्वास्थ्य पेशेवरों के बीच सहयोग बढ़ाने और रोगियों के परिणामों में सुधार के उपाय।
- अध्यक्षता: प्रो. सैयद जियाउर रहमान
4. सिमुलेशन-आधारित शिक्षा और तकनीक-संवर्धित सीखने का महत्व
- व्याख्यान: डॉ. अनम
- विषय: फैकल्टी प्रशिक्षण में सिमुलेशन तकनीकों के उपयोग और उनके लाभ।
- अध्यक्षता: डॉ. इरफान अहमद खान
5. रोगी सुरक्षा के लिए नीति कार्यान्वयन और संस्थागत प्रतिबद्धता
- व्याख्यान: डॉ. प्रतीक विजय गणवीर
- विषय: पीएसक्यू के लिए स्वीकृति, वकालत और सहयोग
- अध्यक्षता: प्रो. सैयद जियाउर रहमान













