हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
नोएडा में सरकारी स्कूल की सहायक अध्यापिका पिंकी सिंह द्वारा इस्तीफ़ा देने का मामला चर्चा में है। बताया गया कि उन्हें BLO (Booth Level Officer) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसके चलते उन पर लगातार SIR कार्य का भारी दबाव बढ़ता जा रहा था। शिक्षण कार्य और BLO ड्यूटी, दोनों को एक साथ संभालना उनके लिए मुश्किल होता गया और अंततः उन्होंने अपनी सेवा से इस्तीफ़ा दे दिया।

अपने इस्तीफ़े में पिंकी सिंह ने लिखा कि वह उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं और BLO Pat No. 206 के अंतर्गत उनका मतदान बूथ राकवड़ स्कूल है। उनके क्षेत्र में कुल 1179 मतदाता हैं, जिनमें से 215 प्रविष्टियाँ ऑनलाइन फीड की जा चुकी हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि दोहरी जिम्मेदारियों के कारण न तो वह बच्चों को सही ढंग से पढ़ा पा रही हैं और न ही BLO के कार्य को पूरा कर पा रही हैं। इस कारण उन्होंने मजबूर होकर नौकरी छोड़ने का निर्णय लिया।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया कि उन्हें बताया जाए कि निर्वाचन संबंधी सामग्री किसे सौंपी जाए। यह घटना शिक्षकों पर पड़ रहे अतिरिक्त ड्यूटी के बोझ और उससे उत्पन्न मानसिक दबाव को उजागर करती है। अक्सर शिक्षक BLO, सर्वे, चुनावी कार्य और अन्य सरकारी दायित्वों के बीच अपनी मूल नौकरी—शिक्षण—पर ध्यान नहीं दे पाते।
पिंकी सिंह का इस्तीफ़ा इस मुद्दे पर गंभीर सवाल खड़ा करता है कि क्या शिक्षकों को ऐसी अतिरिक्त ड्यूटी देना उचित है, जिससे उनका पेशेवर और व्यक्तिगत संतुलन बिगड़ जाए।













