हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
दिल्ली–NCR में बड़ी कार्रवाई, 5 लग्जरी कारें और 17 लाख नकद बरामद
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर इंदरजीत सिंह यादव के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में एक साथ 10 ठिकानों पर छापेमारी कर उसके कथित काले साम्राज्य का पर्दाफाश किया। इस दौरान 5 लग्जरी कारें, 17 लाख रुपये नकद, बैंक लॉकर, अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और डेटा जब्त किया गया।

15 से अधिक FIR के आधार पर शुरू हुई जांच
ED ने यह कार्रवाई हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से ज्यादा FIR और चार्जशीट के आधार पर की। इन मामलों में आर्म्स एक्ट, BNS और IPC की गंभीर धाराएं शामिल हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, इंदरजीत सिंह यादव लंबे समय से हत्या, रंगदारी, जबरन वसूली, धोखाधड़ी, जमीन कब्जाने और हिंसक अपराधों में संलिप्त रहा है।
UAE से संचालित हो रहा था नेटवर्क
ED के मुताबिक, इंदरजीत सिंह यादव फिलहाल कई मामलों में वांछित है और UAE से बैठकर अपने आपराधिक नेटवर्क को चला रहा था। वह जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (Gems Tunes) का मालिक भी बताया जा रहा है, जिसके जरिए अवैध कमाई को वैध दिखाने की कोशिश की जाती थी।
कॉरपोरेट और प्राइवेट फाइनेंसरों के बीच ‘डील सेटर’
जांच में सामने आया है कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड समेत कुछ बड़ी कंपनियां झज्जर के दीघल इलाके के प्राइवेट फाइनेंसरों से नकद में भारी रकम उधार लेती थीं। विवाद की स्थिति में इंदरजीत यादव स्ट्रॉन्गमैन बनकर सामने आता था और धमकी व हथियारबंद गुर्गों के जरिए जबरन सेटलमेंट करवाता था। इन सौदों में उसे सैकड़ों करोड़ रुपये का कमीशन मिलने का आरोप है।
परिवार के नाम पर संपत्तियां, वेबसाइट से चलता था खेल
ED ने खुलासा किया है कि अपराध की कमाई से महंगी संपत्तियां इंदरजीत और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी गईं। इसके अलावा, एक खास वेबसाइट और पोर्टल के जरिए कॉरपोरेट कंपनियों और फाइनेंसरों के बीच लोन सेटलमेंट का पूरा खेल संचालित किया जाता था। ED अब पूरे मनी ट्रेल, विदेशी कनेक्शन और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई व गिरफ्तारियां संभव हैं।













