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सरकार का मास्टरस्ट्रोक? 8वें वेतन आयोग से पहले ‘DA मर्जर’ पर सस्पेंस बरकरार

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच इन दिनों एक सवाल सबसे ज्यादा चर्चा में है—क्या 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले सरकार महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में मर्ज करेगी? वजह साफ है, 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है और जनवरी–जून 2026 का DA रिविजन पहला ऐसा होगा, जो 7वें वेतन आयोग के दायरे से बाहर माना जा रहा है।

8वें वेतन आयोग में देरी क्यों?

आमतौर पर किसी भी वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में लगभग 18 महीने लगते हैं। इसके बाद रिपोर्ट पर विचार, कैबिनेट की मंजूरी और लागू करने की प्रक्रिया में कम से कम 6 महीने और लग जाते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 2027 के अंत से पहले लागू होना मुश्किल है। इसी अंतराल को देखते हुए कर्मचारी संगठन अंतरिम राहत की मांग कर रहे हैं।

DA मर्जर की मांग क्यों उठ रही है?

वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को लगभग 58% DA मिल रहा है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि यदि इस DA को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाए, तो इससे न केवल बेसिक सैलरी बढ़ेगी, बल्कि HRA, TA और अन्य भत्तों में भी अपने आप बढ़ोतरी हो जाएगी। साथ ही, पेंशन की गणना में भी सीधा फायदा मिलेगा। संगठनों का कहना है कि मौजूदा DA महंगाई की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह नहीं दर्शाता, इसलिए DA मर्जर को अंतरिम राहत के रूप में लागू किया जाना चाहिए।

सरकार का साफ रुख

हालांकि सरकार इस मुद्दे पर पूरी तरह स्पष्ट है। दिसंबर 2025 में संसद में दिए गए एक लिखित जवाब में सरकार ने कहा था कि मौजूदा DA को बेसिक पे में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। सरकार का तर्क है कि महंगाई के असर को कम करने के लिए हर छह महीने में DA/DR बढ़ाया जाता है, जो AICPI-IW (महंगाई सूचकांक) पर आधारित होता है और फिलहाल यही व्यवस्था पर्याप्त है।

पहले क्या हुआ था?

5वें वेतन आयोग के समय नियम था कि जब DA 50% तक पहुंच जाए, तो उसे बेसिक पे में मर्ज किया जाए। इसी आधार पर 2004 में 50% DA बेसिक में जोड़ा गया था। लेकिन 6वें वेतन आयोग ने इस सोच से असहमति जताई। आयोग का कहना था कि DA मर्ज करने से महंगाई सूचकांक का बेस बदलना पड़ेगा, जिससे भविष्य में DA की दर कम हो सकती है। इसी वजह से बाद के वेतन आयोगों में DA मर्जर की सिफारिश नहीं की गई।

अब आगे क्या?

मौजूदा हालात में DA को बेसिक पे में मर्ज किए जाने की संभावना बेहद कम नजर आती है। सरकार का रुख साफ है कि जब तक 8वां वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक कर्मचारियों और पेंशनर्स को केवल हर छह महीने मिलने वाली DA बढ़ोतरी से ही राहत मिलेगी।

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