हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
गाजियाबाद: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पकड़े गए पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था और देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुका था। अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने 200 से अधिक फोटो और वीडियो पाकिस्तान में बैठे हैंडलर को भेजे हैं।
CCTV लाइव स्ट्रीमिंग से की जा रही थी जासूसी
जांच में पता चला है कि यह गिरोह संवेदनशील स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहा था। इसके लिए चोरी के सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे और सुरक्षा एजेंसियां उन्हें ट्रैक न कर सकें। दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन जैसे अहम स्थानों की निगरानी तक इनकी पहुंच बन चुकी थी।
100 से ज्यादा सिम कार्ड लगाने की साजिश
SIT के अनुसार, ISI से जुड़े हैंडलर सरफराज सरदार के निर्देश पर इस मॉड्यूल ने 100 से ज्यादा चोरी के सिम कार्ड खरीदने और उन्हें अलग-अलग CCTV कैमरों में लगाने की योजना बनाई थी। इस नेटवर्क में करीब 40 सदस्य सक्रिय थे, जो अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे थे।
मुख्य आरोपी सोहेल और पैसों का खेल
इस मामले में मुख्य आरोपी सोहेल की पहचान हुई है, जो पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच में सामने आया है कि पैसों का लेनदेन सीधे नहीं किया जाता था, बल्कि बिचौलियों के जरिए छोटी-छोटी रकम कई बैंक खातों में भेजी जाती थी। अब तक करीब 15 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन का पता चला है। पैसे निकालने में मदद करने वालों को 30 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाता था।
VPN और ऐप्स के जरिए छिपाई जाती थी पहचान
हैंडलर सरफराज VPN और विभिन्न कम्युनिकेशन ऐप्स का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छुपाता था और नेटवर्क के सदस्यों से संपर्क बनाए रखता था। इससे एजेंसियों को ट्रैकिंग में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
लगातार छापेमारी, SIT जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ करने की कोशिश जारी है। SIT की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
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