हिन्दुस्तान मिरर न्यूज:
एक साल बाद माना- भारत-पाक संघर्ष में पाकिस्तान को दी थी तकनीकी मदद
भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल हुए संघर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चीन ने पहली बार बड़ा खुलासा किया है। चीन ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसने युद्ध के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई थी। यह जानकारी चीन के सरकारी चैनल CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में सामने आई, जिसकी रिपोर्ट साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट (SCMP) ने प्रकाशित की।
पाकिस्तान में मौजूद थे चीनी इंजीनियर
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की सरकारी रक्षा कंपनी AVIC के इंजीनियरों ने बताया कि वे संघर्ष के दौरान पाकिस्तान में मौजूद थे और वहां चीनी लड़ाकू विमानों को तकनीकी सपोर्ट दे रहे थे। AVIC के इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि वे पाकिस्तान के सपोर्ट बेस पर तैनात थे, जहां लगातार लड़ाकू विमानों की आवाज और एयर-रेड सायरन सुनाई देते थे। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी और तनावपूर्ण माहौल के बावजूद उनकी टीम यह सुनिश्चित कर रही थी कि चीनी सैन्य उपकरण पूरी क्षमता के साथ काम करें।
पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बढ़ा था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू कर पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। भारतीय कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया था।
J-10CE फाइटर जेट को बताया सफल
पाकिस्तान की वायुसेना चीन निर्मित J-10CE लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करती है। चीनी इंजीनियरों ने कहा कि युद्ध के दौरान इन विमानों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहा। उन्होंने इसे चीन की सैन्य तकनीक की बड़ी सफलता बताया।
पाकिस्तान चीन का सबसे बड़ा हथियार ग्राहक
SIPRI की रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से अब तक चीन पाकिस्तान को 8.2 अरब डॉलर के हथियार बेच चुका है। भारत का मानना है कि चीन और पाकिस्तान के रक्षा संबंध अब हथियार बिक्री से आगे बढ़कर युद्ध तकनीक और निगरानी परीक्षण तक पहुंच चुके हैं।
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