हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
नोएडा या गाजियाबाद में बसाने पर विचार का निर्देश, आदेशों के अनुपालन
में देरी पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
प्रयागराज। हाथरस की चर्चित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना के पीड़ित परिवार के पुनर्वास में
हो रही देरी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। कोर्ट
ने सरकार को निर्देश दिया है कि परिवार को सम्मानजनक, सुरक्षित और सामान्य जीवन का माहौल
उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके तहत नोएडा या गाजियाबाद जैसे शहरों में
परिवार को बसाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार करने को कहा गया है। आदेश के अनुपालन के
लिए सरकार को तीन महीने का समय दिया गया है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अदालत
के पुराने आदेशों के अनुपालन में टालमटोल वाला रवैया स्वीकार नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने परिवार
की सुरक्षा और सामान्य जीवन जीने के अधिकार को गंभीरता से लेते हुए पुनर्वास की प्रक्रिया जल्द पूरी
करने के निर्देश दिए।
2022 में ही दिया गया था बाहर बसाने का आदेश
हाथरस कांड के बाद हाईकोर्ट ने जुलाई 2022 में परिवार के पुनर्वास को लेकर सरकार को निर्देश दिए
थे। इसमें परिवार को हाथरस से बाहर प्रदेश में किसी उपयुक्त स्थान पर बसाने और एक सदस्य को
उसकी योग्यता के अनुरूप सरकारी या सरकारी उपक्रम में रोजगार देने पर विचार करने को कहा गया
था। इसके बावजूद जुलाई 2024 में भी अदालत को बताया गया था कि परिवार का दूसरे स्थान पर
पुनर्वास नहीं हो सका है।
सुरक्षा के बावजूद सामान्य जीवन प्रभावित
घटना के बाद परिवार और गवाहों की सुरक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। परिवार के
आसपास पुलिस और पीएसी की तैनाती के साथ सीआरपीएफ जवान भी सुरक्षा में लगाए गए हैं।
हालांकि, कोर्ट के समक्ष यह चिंता सामने आई कि सुरक्षा के इस घेरे में परिवार के लिए बाजार जाना,
डॉक्टर को दिखाना और बच्चों को स्कूल ले जाना जैसी सामान्य गतिविधियां भी सहज नहीं रह गई हैं।
अब हाईकोर्ट के ताजा निर्देश के बाद सरकार के सामने तीन महीने के भीतर परिवार के पुनर्वास की
स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर उसे लागू करने की चुनौती है। नोएडा या गाजियाबाद में पुनर्वास से परिवार
को सुरक्षित माहौल के साथ शिक्षा, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक बेहतर पहुंच मिलने की
उम्मीद है।
#HathrasCase #AllahabadHighCourt #UttarPradesh #Noida #Ghaziabad
















