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स्टारलिंक को ‘युद्ध का हथियार’ मानता है ईरान, इस्तेमाल करने वालों पर दो साल जेल या मिल सकती है मौत की सजा

टर्मिनल बंद करने के लिए कई सिस्टम तैयार, जनवरी के विरोध प्रदर्शनों में भी किया गया था इस्तेमाल

तेहरान।हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :

ईरान ने एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। ईरानी अधिकारियों ने इसे ‘युद्ध का हथियार’ बताते हुए इसके इस्तेमाल और उपकरणों की खरीद-बिक्री पर कार्रवाई तेज करने की चेतावनी दी है। स्टारलिंक का इस्तेमाल करने या उपकरण रखने पर छह महीने से दो साल तक की जेल हो सकती है। वहीं, जासूसी या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामलों में मौत की सजा का भी प्रावधान है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल साइबरस्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन आघामिरी ने कहा कि देश के पास स्टारलिंक टर्मिनलों का संपर्क बाधित करने के कई तकनीकी सिस्टम हैं। उन्होंने दावा किया कि जनवरी 2026 में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान इनमें से एक सिस्टम का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, उन्होंने इन तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी।

आघामिरी के मुताबिक, ईरान इन तकनीकों को अपने सहयोगी देशों के साथ साझा करने के लिए भी तैयार है। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि स्टारलिंक का इस्तेमाल दुश्मन देश सैन्य गतिविधियों के संचालन, जासूसी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए कर सकते हैं।

दरअसल, स्टारलिंक उपग्रहों के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराता है। इसके लिए ईरान के घरेलू दूरसंचार नेटवर्क पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। यही वजह है कि इंटरनेट पर सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद इसके जरिए सूचनाएं बाहर भेजी जा सकती हैं।

ईरान में स्टारलिंक का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। उपकरणों की तस्करी, खरीद-बिक्री और इस्तेमाल पर भी कार्रवाई की जा रही है। उपकरणों के आयात और वितरण पर पांच साल तक की जेल हो सकती है। अधिकारियों की सख्ती के बावजूद देश में इसके इस्तेमाल को पूरी तरह रोकना चुनौती बना हुआ है।

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