हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 20 अप्रैल: 2025,
नई दिल्ली:
रविवार शाम दिल्ली बीजेपी कार्यालय में ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ (ONOE) को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और दिल्ली के विधायक शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य ‘एक देश, एक चुनाव’ को लेकर जनता और जनप्रतिनिधियों की राय जानना था, ताकि इसे लेकर केंद्र सरकार को समुचित फीडबैक दिया जा सके।
बैठक में सुनील बंसल की अहम भूमिका
इस बैठक में सबसे प्रमुख भूमिका बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल की रही। वे उस हाई पावर कमेटी के सदस्य हैं जिसे केंद्र सरकार ने ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ पर देशभर की राय जुटाने के लिए गठित किया है। बताया जा रहा है कि सुनील बंसल इससे पहले भी देश के कई राज्यों में इसी तरह की बैठकों में हिस्सा ले चुके हैं और दिल्ली में उनकी यह उपस्थिति उसी अभियान की अगली कड़ी है।
देशव्यापी वर्कशॉप का हिस्सा है यह बैठक
यह बैठक उन कार्यशालाओं (वर्कशॉप्स) की श्रृंखला का हिस्सा है, जो देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य सभी राज्यों से ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ को लेकर सुझाव और चिंताओं को जानना है, ताकि नीति निर्माण में एक समावेशी दृष्टिकोण अपनाया जा सके।
वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने बढ़ाई बैठक की अहमियत
बैठक में जिन प्रमुख नेताओं की उपस्थिति रही, उनमें शामिल हैं:
- दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा
- उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पंकज सिंह
- मंत्री रविंद्र इंद्राज
- सांसद योगेन्द्र चंदोलिया
- सांसद कंवलजीत सहरावत
- विधायक गजेंद्र यादव
- विधायक सतीश उपाध्याय
- वरिष्ठ नेता हरीश खुराना
इन नेताओं की मौजूदगी ने बैठक को गंभीरता और दिशा देने का कार्य किया।
समय और संसाधनों की बचत का तर्क
बीजेपी नेताओं ने इस बैठक के दौरान कहा कि ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ एक ऐसा कदम है जो देश की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे चुनावों पर आने वाले समय और खर्च में भारी कमी आएगी। साथ ही, बार-बार लागू होने वाली आदर्श आचार संहिता से सरकारों के कामकाज पर जो प्रभाव पड़ता है, उसमें भी राहत मिलेगी।
दिल्ली के विधायकों की राय होगी अहम
बैठक का मुख्य उद्देश्य यह था कि दिल्ली के विधायकों से इस मुद्दे पर राय ली जाए—क्या वे मानते हैं कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराना व्यावहारिक है? इस चर्चा से एकत्र राय को हाई पावर कमेटी केंद्र सरकार को सौंपेगी, जो इसके आधार पर अगला कदम तय करेगी।
नजरें टिकीं हैं बैठक के निष्कर्ष पर
अब सभी की निगाहें इस बैठक के निष्कर्षों पर टिकी हैं। यह बैठक यह तय कर सकती है कि दिल्ली बीजेपी ‘वन नेशन वन इलेक्शन’ जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दे पर किस दिशा में आगे बढ़ेगी।













