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अलीगढ़ में मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी संपन्न, कृषि मंत्री बोले – किसानों को मिल रहा तकनीक व योजनाओं का लाभ

हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ ✑17 मई : 2025

अलीगढ़, 17 मई 2025 – कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर, अलीगढ़ में शनिवार को आगरा एवं अलीगढ़ मंडलों की मण्डलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी का भव्य आयोजन हुआ। गोष्ठी का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रमुख सचिव श्री रविन्द्र ने की। इस अवसर पर आगरा और अलीगढ़ मंडलों के सभी जिलों के कृषि एवं संबंधित विभागों के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक तथा सैकड़ों की संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए।

कार्यक्रम से पूर्व मंत्री श्री औलख ने कृषि विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए उन्होंने किसानों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के अंतर्गत सोलर पंप, बीज, कृषि यंत्रों आदि का वितरण कर लाभान्वित किया।

कृषि मंत्री का संबोधन

श्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि वर्ष 2014 और 2017 के बाद केंद्र व राज्य सरकारों ने किसान हितों को सर्वोपरि रखते हुए क्रांतिकारी कदम उठाए हैं। किसानों को मुफ्त बिजली, सब्सिडी पर उर्वरक, उन्नत बीज, कृषि उपकरण व सोलर पंप मुहैया कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि खेती को वैज्ञानिक पद्धति से करने पर ही किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। किसान अब सोलर एनर्जी की ओर बढ़ें, इसके लिए सरकार के पास पर्याप्त सब्सिडी युक्त सोलर पंप उपलब्ध हैं। गोष्ठी में आए सुझावों को सरकार गंभीरता से लेगी।

प्रमुख सचिव कृषि का मार्गदर्शन

प्रमुख सचिव रविन्द्र ने कहा कि आधुनिक तकनीक से खेती करने का समय है। भूमिगत जलस्तर लगातार गिर रहा है, अतः ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सिंचाई पद्धतियों को अपनाना जरूरी है। उन्होंने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।

उन्होंने बताया कि यह कृषि विभाग का 150वां वर्ष है जिसे “बीज वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है।

आगरा मंडल: उपलब्धियां और चुनौतियाँ

आयुक्त शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि खरीफ 2025 में मंडल का बुवाई लक्ष्य 626685 हेक्टेयर है, जो गत वर्ष से 42567 हेक्टेयर अधिक है। धान की उत्पादकता 31.57 क्विंटल/हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि मंडल में 47317.72 क्विंटल बीज उपलब्ध हैं, जो लक्ष्य से अधिक है। पिछले वर्ष 254 सोलर पंप लगाए गए, और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 25262 किसानों को ₹21.741 करोड़ का मुआवजा दिया गया।

एफपीओ के क्षेत्र में भी अग्रणी प्रगति हुई – 331 एफपीओ गठित हुए जो मिलेट्स, बीज उत्पादन व डेयरी क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।

मुख्य समस्याएँ: मिलेट्स प्रशिक्षण केंद्र की कमी, मैनपुरी कृषि विज्ञान केंद्र अधूरा, डीएपी आपूर्ति में समयबद्धता, खारे पानी की समस्या, सोलर फेंसिंग, पुटैटो ग्रेडर मशीन को योजना में शामिल करने का सुझाव।

आयुक्त संगीता सिंह ने बताया कि खरीफ 2025 के लिए मंडल का कुल बुवाई लक्ष्य 764153 हेक्टेयर है। प्रमुख फसलों में धान, बाजरा, मक्का व अरहर शामिल हैं। कुल उत्पादन लक्ष्य 22.56 लाख मीट्रिक टन प्रस्तावित है।

उपलब्धियाँ:

  • धान: 27.19 क्विंटल/हेक्टेयर
  • बाजरा: 23.32 क्विंटल/हेक्टेयर
  • मक्का: 27.37 क्विंटल/हेक्टेयर
  • कोमालिका एफपीओ द्वारा आलू का निर्यात तेहरान व बहरीन किया गया

समस्याएँ एवं सुझाव:

  • हाथरस व कासगंज में जिला सहकारी बैंक की स्थापना
  • खारे पानी वाले क्षेत्रों में नहरों का विस्तार
  • नहरों में टेल फीडिंग की समस्या
  • खाली पदों के चलते योजनाओं का अनुश्रवण बाधित
  • कृषि यंत्रों व बीज प्रोसेसिंग के लिए अतिरिक्त अनुदान की आवश्यकता

गोष्ठी में विभिन्न जिलों से आए किसानों ने समस्याएँ और सुझाव साझा किए:

  • चौ. नवाब सिंह (अलीगढ़): किसान पोर्टल में फार्मर रजिस्ट्री की समस्या व बिजली आपूर्ति की मांग
  • गुलवीर सिंह: उच्च गुणवत्ता वाले बीज व डीएपी की उपलब्धता
  • अजयपाल सिंह (एफपीओ): डीएसआर विधि से धान व प्याज उत्पादन पर जानकारी
  • आर.पी. पचौरी (एफपीओ): मिलेट्स उत्पाद पर सरकारी सहयोग की सराहना
  • प्रताप सिंह आर्य (एटा): “खेत पर मेड़, मेड़ पर पेड़…” से तालियां बटोरीं
  • विनोद चौहान: ओडीओपी उत्पाद ‘चिकोरी’ के लिए बीज व मार्केटिंग की मांग
  • वीरेश कुमार (कासगंज): जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा के लिए पेड़ लगाओ, तार पाओ योजना का सुझाव
  • राजकुमार तौमर (आगरा): सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ
  • लोकेश कुमार (फिरोजाबाद): सोलर पंप को बिजली समस्या का समाधान बताया

गोष्ठी में तकनीकी सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसमें कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को महत्वपूर्ण सलाहें दीं:

  • डॉ. के.डी. दीक्षित: मिट्टी की जाँच व श्री अन्न के उपयोग पर जोर
  • डॉ. उमर खान: घरेलू उपचार से पशु स्वास्थ्य
  • डॉ. अनंत कुमार: डीएसआर विधि से बासमती उत्पादन
  • डॉ. अतहर वारसी: खरपतवार नियंत्रण व बोआई तकनीक
  • डॉ. पुष्पा दोहरे: मोटे अनाज की उपयोगिता
  • डॉ. अशरफ अली: कीट नियंत्रण की वैज्ञानिक विधियाँ
  • डॉ. विकास रंजन चौधरी: पौधरोपण की वैज्ञानिक पद्धति
  • डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव: जल प्रबंधन व सिंचाई तकनीक

महत्वपूर्ण घोषणाएँ और आश्वासन

  • एसई सिंचाई चन्द्रभान सिंह यादव: नहरों की सिल्ट सफाई और फर्जी कुलाबों पर कार्यवाही
  • एसई हाइडिल पंकज अग्रवाल: सुबह 6:45 से शाम 4:45 तक 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति

जिलाधिकारी संजीव रंजन ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं किसानों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह गोष्ठी खरीफ फसलों की उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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