हिन्दुस्तान मिरर न्यूज, 12-7-2025
अलीगढ़, खैर
खैर क्षेत्र के नगौला गांव में ब्राह्मण और यादव समाज के बीच हुए जातीय टकराव के बाद प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार देर शाम शांति समिति की बैठक आयोजित की। एडीएम प्रशासन पंकज कुमार और एसपी देहात अमृत जैन ने संयुक्त रूप से बैठक में गांव के दोनों समुदायों के प्रमुख लोगों से बात की। बैठक में एसडीएम सुमित सिंह, सीओ वरुण कुमार सिंह और कोतवाली पुलिस के इंस्पेक्टर दुष्यंत तिवारी भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के वर्तमान और पूर्व प्रधानों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से स्पष्ट कहा कि अगर समय रहते विवाद न रोका गया, तो गांव का विकास रुक जाएगा और आपसी भाईचारा भी खत्म हो जाएगा। बच्चों और युवाओं को समझाने पर विशेष जोर दिया गया।
दरअसल, विवाद की शुरुआत आठ जुलाई को गांव की एक दुकान पर बच्चों के झगड़े से हुई थी, जो जल्द ही बड़ों के बीच हिंसक टकराव में बदल गई। दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस ने आठ लोगों पर शांति भंग की कार्रवाई की। अगले ही दिन यानी बुधवार की रात, विवाद और बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। स्थिति इतनी बिगड़ी कि गोलियां चल गईं, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस को देख आरोपी भाग निकले।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दोनों पक्षों पर सख्त कार्रवाई की है। यादव पक्ष की ओर से राजेश कुमार की तहरीर पर ब्राह्मण पक्ष के कान्हा गौतम, अंकित गौतम, मनीष गौतम, राहुल गौतम, हरिकेश गौतम, राजकुमार और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, ब्राह्मण पक्ष की ओर से सूरजनलाल गौतम की शिकायत पर चन्द्रपाल, राजेश, सर्वेश, आकाश और अन्य अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है।
मुख्य आरोपी कान्हा गौतम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गांव में शांति भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, ग्राम प्रधान के प्रति नाराजगी भी ग्रामीणों ने बैठक में खुलकर जाहिर की। प्रशासन लगातार गांव पर नजर बनाए हुए है और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अलर्ट मोड पर है।














