हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 4 मई : 2025,अलीगढ़
अलीगढ़,तहसील स्तर पर लोगों के कार्यों को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रस्तावित “फ्रंट ऑफिस” व्यवस्था पर विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन ने शुरुआत में इसे कोल और खैर तहसीलों में लागू करने की योजना बनाई है, लेकिन इसकी जानकारी मिलते ही अधिवक्ता लामबंद हो गए हैं और पिछले 10 दिनों से हड़ताल पर हैं।
हड़ताल के कारण ठप पड़े रजिस्ट्री और राजस्व कार्य
जिले की पांच तहसीलों — कोल, खैर, इगलास, अतरौली और गभाना — में अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण रोजाना औसतन 250 रजिस्ट्री कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अब तक करीब 2500 रजिस्ट्री लंबित हो चुकी हैं। इसके अलावा नामांतरण, खतौनी, खसरा जैसे जरूरी राजस्व कार्य भी ठप हैं, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसीलवार औसत रजिस्ट्री आंकड़े:
| तहसील | औसतन प्रतिदिन रजिस्ट्री |
|---|---|
| कोल | 56 |
| खैर | 70 |
| इगलास | 40 |
| अतरौली | 34 |
| गभाना | 50 |
| योग | 250 रजिस्ट्री प्रतिदिन |
अधिवक्ताओं का आरोप: निजीकरण की साजिश
अधिवक्ताओं का कहना है कि अब तक जो कार्य अधिवक्ता, कातिब और अन्य तहसील कर्मचारी करते थे, उन्हें निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है। इससे न सिर्फ अधिवक्ता बल्कि उनसे जुड़ा स्टाफ भी बेरोजगार हो सकता है।
अधिवक्ताओं की प्रतिक्रिया:
- विजय तेवतिया, अध्यक्ष, तहसील बार एसोसिएशन:
“यह निजीकरण की साजिश है, जिसे अधिवक्ता किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे।” - रवि चौहान, अधिवक्ता:
“फ्रंट ऑफिस के फैसले से अधिवक्ता और उनका स्टाफ बेरोजगार हो जाएगा।” - अनुज कुमार राघव, उपाध्यक्ष, बार एसोसिएशन:
“यह फैसला अधिवक्ता विरोधी है, हमें पूरे प्रदेश से समर्थन मिल रहा है।”
जनता की परेशानी: “तहसील में काम अटक गया है”
हड़ताल के चलते आम नागरिकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रवीन, नागरिक: “एक हफ्ते से तहसील के चक्कर लगा रहा हूं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा है।”
- सोनू देवी, हाजीपुर निवासी: “तीन दिन से खतौनी निकलवाने के लिए परेशान हूं, काम बंद है।”
प्रशासन की सफाई: अभी तक कोई स्पष्ट शासनादेश नहीं
ब्रजेश कुमार सिंह, एआईजी स्टांप ने स्पष्ट किया कि अभी तक फ्रंट ऑफिस के लिए कोई शासनादेश नहीं आया है। यह केवल एक प्रस्तावित योजना है, जिसका उद्देश्य तहसील में आने वाले नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देना है।
राजनीतिक समर्थन से तेज हुआ आंदोलन
अधिवक्ताओं ने नगीना सांसद चंद्रशेखर से धरने में शामिल होने की अपील की है। वहीं, शनिवार को पूर्व विधायक विवेक बंसल और सपा नेता एवं पूर्व सांसद चौधरी विजेंद्र सिंह ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
इस मौके पर तहसील दिवस के दौरान अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार से फ्रंट ऑफिस खोलने का फैसला वापस लेने की मांग की।
अध्यक्षता: विजय सिंह तेवतिया
संचालन: महेंद्र सिंह धाकड़े
उपस्थित प्रमुख अधिवक्ता: अनुज राघव, दीपक वर्मा, ओपी सिंह, चतुर सिंह, वेदप्रकाश शर्मा, राजबहादुर, रहीमुद्दीन, रामगोपाल, निधीश भट्ट, संजय कुमार आदि।
















