हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़ :
आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद समर्थकों का प्रदर्शन, हाईकमान के फैसले पर उठे सवाल
दतिया। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट न दिए जाने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। पार्टी ने उनके स्थान पर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिसके विरोध में नरोत्तम समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा जिला कार्यालय पर जमकर नारेबाजी की और हाईवे पर धरना देकर प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ विरोध जताया।
विरोध के बीच भाजपा के दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया। उनके साथ जिला एवं मंडल पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, कई जनप्रतिनिधि और पार्षदों ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा पत्र में उम्मीदवार चयन को “एकतरफा फैसला” बताते हुए जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया गया है।
इंटरनल सर्वे बना टिकट कटने की बड़ी वजह
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में कराए गए इंटरनल सर्वे में नरोत्तम मिश्रा की जीत की संभावना कमजोर बताई गई थी। इसके बाद केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश संगठन से फीडबैक लिया, जिसमें भी दूसरे उम्मीदवार की जीत की संभावना अधिक बताई गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच कई दौर की चर्चा के बाद आशुतोष तिवारी के नाम पर अंतिम मुहर लगी।
दिल्ली जा सकते हैं नरोत्तम मिश्रा
सूत्रों का कहना है कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा राष्ट्रीय नेतृत्व से मुलाकात के लिए दिल्ली जा सकते हैं। उनके कई समर्थकों के भी दिल्ली पहुंचने की चर्चा है। हालांकि भाजपा की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्या बदलेगा भाजपा का फैसला?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कार्यकर्ताओं के विरोध के बावजूद भाजपा द्वारा उम्मीदवार बदलने की संभावना बेहद कम है। अब तक पार्टी ने प्रदर्शन के दबाव में किसी घोषित प्रत्याशी का टिकट वापस लेने की परंपरा नहीं बनाई है।
उपचुनाव क्यों हो रहा है?
दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद रिक्त हुई। बैंक धोखाधड़ी के 28 वर्ष पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म हो गई, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
















