हिन्दुस्तान मिरर न्यूज़: 7 मई : 2025,
राज्य सरकार के सांख्यिकी अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, ‘जमोवी’ सॉफ्टवेयर का किया प्रदर्शन
अलीगढ़, 7 मई:
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के मनोविज्ञान विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एस.एम. ख़ान ने उत्तराखंड शासन के अधीन उत्तराखंड प्रशासन अकादमी, नैनीताल में एक महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। व्याख्यान का विषय था — “नीतिगत निर्णयों के लिए डेटा विश्लेषण: एक व्यावहारिक दृष्टिकोण”।
यह कार्यक्रम राज्य सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े सांख्यिकी अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था, जिनका कार्य नीतियों के निर्माण और मूल्यांकन में आंकड़ों के माध्यम से निर्णयन प्रक्रिया को सशक्त बनाना होता है।
प्रोफेसर ख़ान ने अपने व्याख्यान में डेटा विश्लेषण की व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार आधुनिक नीतिगत निर्णय ठोस डेटा पर आधारित होने चाहिए ताकि परिणाम अधिक प्रभावशाली और जनहितैषी बन सकें।
सत्र के दौरान उन्होंने प्रतिभागियों को ‘जमोवी’ (JASP/Jamovi) नामक एक ओपन-सोर्स और यूजर-फ्रेंडली सांख्यिकी सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण भी दिया। जमोवी की मदद से बिना कोडिंग के भी जटिल सांख्यिकी विश्लेषण किया जा सकता है, जो विशेष रूप से गैर-तकनीकी पृष्ठभूमि के सरकारी अधिकारियों के लिए उपयोगी है।
प्रशिक्षण की मुख्य विशेषताएं:
- इंटरैक्टिव सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को सीखने का अवसर मिला।
- डमी डेटा सेट्स का उपयोग कर सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों पक्षों की जानकारी दी गई।
- बुनियादी से लेकर उन्नत विश्लेषण तकनीकें जैसे t-test, ANOVA, correlation, regression आदि को सरल भाषा में समझाया गया।
इस अवसर पर उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रोफेसर ख़ान के ज्ञान और शिक्षण शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का व्यावहारिक प्रशिक्षण नीति-निर्माताओं को तथ्य आधारित निर्णय लेने में सहायक होगा।
अंत में प्रोफेसर ख़ान ने इस बात पर बल दिया कि “डेटा केवल संख्याओं का खेल नहीं है, बल्कि सही निर्णयों की आधारशिला भी है।”














