एएमयू प्रोफेसर ने एसवीएसयू, मेरठ में आमंत्रित व्याख्यान दिया
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. शहरोज आलम रिजवी ने स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय (एसवीएसयू), मेरठ में स्वामी विवेकानंद रिसर्च चेयर द्वारा आयोजित एक शैक्षणिक कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित व्याख्यान दिया।
प्रो. रिजवी ने शिक्षकों और छात्रों के साथ संवाद किया तथा केंद्र की शैक्षणिक और शोध गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने संग्रहालय और पुस्तकालय का भी दौरा किया, संस्थान द्वारा ज्ञान संसाधनों और नवाचार पर दिए जा रहे विशेष ध्यान की सराहना की तथा शैक्षणिक सहयोग को और सुदृढ़ करने के लिए सुझाव दिए।
“उत्तरदायी उपभोग और उत्पादनः एक सतत भविष्य का निर्माण” विषय पर अपने व्याख्यान में प्रो. रिजवी ने जिम्मेदार और जागरूक समाज के निर्माण में उच्च शिक्षा संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने उभरती वैश्विक आर्थिक प्रवृत्तियों और उनके भारत पर प्रभावों का विश्लेषण किया तथा सतत विकास के लिए नीतिगत दृष्टिकोण और भविष्य की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने शोध से संबंधित समकालीन मुद्दों पर भी विचार व्यक्त किए, जिसमें शोध पद्धति की कठोरता और अकादमिक लेखन के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की व्यापक अवधारणा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की परिवर्तनकारी भूमिका पर भी चर्चा की।
इस सत्र में एसवीएसयू के कुलपति प्रो. प्रमोद कुमार शर्मा, रिसर्च चैयर की संयोजक प्रो. मोनिका मेहरोत्रा कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन प्रो. सुधीर त्यागी, प्रो. मोनिका मेहरोत्रा तथा अन्य संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित रहे।
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आरसीए, द्वारा छात्रों की मानसिक सुदृढ़ता बढ़ाने पर कार्यक्रम का आयांजन
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए “दबाव से प्रदर्शन तकः तनाव को एक उपकरण के रूप में उपयोग” विषय पर एक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह सत्र डॉ. फिरदोस जहां, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोजेक्ट, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, जे.एन. मेडिकल कॉलेज, तथा डॉ. समरीन हसन खान, स्टूडेंट काउंसलर, सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड करियर प्लानिंग, वीमेंस कॉलेज, एएमयू द्वारा संचालित किया गया। उन्होंने तनाव प्रबंधन, भावनात्मक सुदृढ़ता विकसित करने तथा बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए एकाग्रता बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय साझा किए।
कार्यक्रम में इंटरएक्टिव गतिविधियाँ, तनाव आकलन अभ्यास और सरल कोपिंग टेक्निक्स शामिल थीं, जिससे छात्रों को शैक्षणिक दबाव को बेहतर ढंग से समझने और प्रबंधित करने में सहायता मिली।
इस अवसर पर सहायक निदेशक डॉ. फिरोज अहमद ने दीर्घकालिक शैक्षणिक सफलता के लिए मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर बल दिया और छात्रों को तनाव को सकारात्मक दिशा में उपयोग करने तथा निरंतर प्रयासरत रहने के लिए प्रेरित किया।
इस सत्र में सहायक निदेशक डॉ. रबाब खान और संकाय सदस्य डॉ. हिबा इस्लाही भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक चर्चा के साथ हुआ।
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जेएन मेडीकल कालिज के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में अमेरिका की डा. तजीन बेग का विशेषज्ञ व्याख्यान
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग द्वारा विभागाध्यक्ष प्रो. हम्माद उस्मानी के नेतृत्व में सतत शैक्षणिक गतिविधियों के अंतर्गत एक व्याख्यान का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम न्यूयॉर्क स्थित स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. तजीन बेग द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिन्हें हाल ही में विभाग में एडजंक्ट फैकल्टी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्होंने “फिजियोलॉजिकली डिफिकल्ट एयरवे और ऑन्को-एनेस्थीसिया” विषय पर व्याख्यान देते हुए एनेस्थीसिया के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति और साक्ष्य-आधारित प्रथाओं पर प्रकाश डाला।
डॉ. बेग ने केस-आधारित चुनौतियों पर चर्चा की, जिसमें ऑपरेशन के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं की पूर्वानुमान और प्रबंधन तथा ऑपरेशन के बाद बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने की रणनीतियाँ शामिल थीं। उन्होंने व्यक्तिगत एनेस्थीसिया योजना, नई तकनीकों के उपयोग और अद्यतन क्लिनिकल दिशानिर्देशों के पालन के महत्व पर बल दिया।
इस सत्र में स्नातकोत्तर छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की और क्लिनिकल प्रश्नों के माध्यम से संवाद किया। वरिष्ठ शिक्षक प्रो. काजी एहसान अली, प्रो. हुसैन आमिर, प्रो. अबू नदीम और प्रो. उबैद अहमद सिद्दीकी ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का समापन विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. नाजिया तौहीद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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एएमयू में सॉफ्ट स्किल्स, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग द्वारा सामाजिक विज्ञान संकाय में “स्वास्थ्य, कल्याण और तनाव प्रबंधन के लिए सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी, जिसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एएमयू शाखा) द्वारा प्रायोजित किया गया।
प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विभागाध्यक्ष एवं आयोजन सचिव प्रो. शाह आलम ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों को सामूहिक रूप से संबोधित करने और मनोवैज्ञानिक सहायता लेने से जुड़े कलंक को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यशाला में स्पेन स्थित फैमिली थेरेपिस्टएनेट क्रूज स्मोलेंस्की ने पारिवारिक संबंधों की मानसिक स्वास्थ्य में भूमिका और अंतरव्यक्तिक संबंधों तथा पेशेवर विकास पर चर्चा की। वहीं संयुक्त राष्ट्र की साइकोलॉजी कोएलिशन से जुड़े काउंसलर सुमित दत्ता ने “3सीएस” (चॉइस, कंट्रोल और कंसिक्वेंसेस) के माध्यम से तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक उपाय प्रस्तुत किए।
समापन सत्र में सहकुलपति प्रो. एम. मोहसिन खान ने छात्रों को पारिवारिक संबंधों को मजबूत करने और तनाव प्रबंधन के लिए मानसिक सुदृढ़ता विकसित करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन इल्मा फातिमा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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एएमयू शोधार्थी डॉ. दया राम को आईसीएसएसआर पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप मिली
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मॉडर्न इंडियन लैंग्वेजेज विभाग में पंजाबी सेक्शन से जुड़े डॉ. दया राम को भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-2026 के लिए प्रतिष्ठित पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप प्रदान की गई है।
उनका चयन “नाथ समुदाय का जीवन, साहित्य और विचारः एक अध्ययन” शीर्षक शोध परियोजना के लिए किया गया है, जिसका उद्देश्य नाथ समुदाय के सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन, साहित्यिक परंपराओं और दार्शनिक विचारों का अध्ययन करना है।
डॉ. दया राम ने चैधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की और एएमयू के पंजाबी अनुभाग से प्रो. क्रांति पाल के निर्देशन में पीएच.डी. पूरी की।
उन्होंने ‘असबाब-ए-बगावत-ए-हिंद’ का पंजाबी अनुवाद तथा ‘नाथ सम्प्रदाय अते योग’ जैसी कृतियाँ भी लिखी हैं।
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एएमयू डेंटल कॉलेज की रेजिडेंट डा. बिनिता पाल को राष्ट्रीय सम्मेलन में द्वितीय स्थान
अलीगढ़, 1 अप्रैलःअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज के ओरल मेडिसिन एवं रेडियोलॉजी विभाग की जूनियर रेजिडेंट डॉ. बिनिता पाल ने आईटीएस डेंटल कॉलेज, गाजियाबाद में आयोजित 23वें नेशनल ट्रिपल ओ कॉन्फ्रेंस में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
उन्होंने “डैंडी वॉकर सिंड्रोम – इसके मैक्सिलोफेशियल और रेडियोलॉजिकल निष्कर्ष” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया, जिसकी सराहना की गई।
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एएमयू शिक्षक डा. मनाजिर को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय एडिटोरियल फेलोशिप
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एनेस्थिसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनाजिर अतहर का चयन प्रतिष्ठित एनेस्थीसिया एंड एनाल्जेसिया एडिटोरियल फेलोशिप (2026-27) के लिए किया गया है, जिसमें विश्वभर से केवल 14 फेलो चुने गए हैं।
यह अत्यंत प्रतिस्पर्धी एक वर्षीय कार्यक्रम, जो 1 मई 2026 से प्रारंभ होगा, एनेस्थिसियोलॉजी के प्रमुख क्षेत्रों में संरचित मार्गदर्शन प्रदान करता है। इस फेलोशिप के अंतर्गत डॉ. अतहर को अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग में प्रो. किम्बर्ली हॉवर्ड-क्विजानो के निर्देशन में कार्डियोवस्कुलर पैथोफिजियोलॉजी और उससे संबंधित परिणामों पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होगा, जबकि एयरवे मैनेजमेंट में उन्हें फीनिक्स चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, अमेरिका में डॉ. नरसिम्हन जगन्नाथन के निर्देशन में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
विभागाध्यक्ष प्रो. हम्माद उस्मानी ने उन्हें बधाई देते हुए इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि यह उपलब्धि डॉ. अतहर की शैक्षणिक उत्कृष्टता तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती पहचान को दर्शाती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह फेलोशिप उनके शोध और अकादमिक योगदान को और सशक्त बनाएगी।
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आरएमपीएस एएमयू सिटी स्कूल के नए कार्यवाहक प्रधानाचार्य की नियुक्ति
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय के आरएमपीएस एएमयू सिटी स्कूल के डॉ. मोहम्मद फैयाजुद्दीन को स्कूल का कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त किया गया है। उन्होंने सैयद तनवीर नबी का स्थान लिया, जिन्होंने 18 वर्षों तक विशिष्ट सेवाएं प्रदान कीं।
एक अनुभवी शिक्षाविद् के रूप में डॉ. फैयाजुद्दीन के पास प्रशासनिक कार्यों का दीर्घ अनुभव है। उन्होंने टाइम-टेबल प्रभारी, सहायक समन्वयक (सेल्फ-फाइनेंस) तथा उप-प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया है और परीक्षा तथा प्रवेश से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे एएमयू स्कूल्स की कार्यकारी समिति के सदस्य भी हैं तथा एएमयू स्कूल्स टीचर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अंग्रेजी विषय में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया और अनुशासन को सुदृढ़ करने, शैक्षणिक स्तर को उन्नत करने तथा विज्ञान और कंप्यूटर प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने पारदर्शी और प्रभावी परीक्षा एवं प्रवेश प्रक्रिया पर भी बल दिया।
डॉ. फैयाजुद्दीन ने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से विद्यालय उत्कृष्टता की दिशा में अपनी प्रगति जारी रखेगा।
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एएमयू भूविज्ञान विभाग के छात्रों की गेट और जेएएम में उत्कृष्ट सफलता; पूर्व छात्र का यूपी पीसीएस में चयन
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूविज्ञान विभाग के छात्रों ने प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। छात्रों ने आईआईटी – गेट 2026, आईआईटी-जेएएम 2026 तथा उत्तर प्रदेश प्रांतीय सिविल सेवा परीक्षा 2024 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
आईआईटी गेट 2026 में विभाग के 13 छात्रों ने सफलता प्राप्त की, जिनमें जिल्लुर रहमान ने अखिल भारतीय रैंक 18 प्राप्त कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया। अन्य सफल अभ्यर्थियों में मोहम्मद साकिब अंसारी, मिसबह खान, मजहर हुसैन, दराब जमील, शरजील इकबाल, वाहिद लोन, अंता आसिम, मोहम्मद अरबाज, मोहम्मद यूसुफ, एमडी कैश अंसारी, एमडी सोहैब अख्तर तथा मुस्ताक आलम शामिल हैं।
आईआईटी जेएएम 2026 में विभाग के नौ छात्रों ने सफलता प्राप्त की, जिनमें अदनान मिर्जा, तबस्सुम फातिमा, माधव सरस्वत, नायला, मिसबहुल्लाह खान, सकलैन मुश्ताक, मेहविश आरा, शेख सैफ और सुषांत कुमार शामिल हैं।
इन उपलब्धियों में और वृद्धि करते हुए विभाग के पूर्व छात्र मोहम्मद हसीन ने यूपी पीसीएस परीक्षा 2024 उत्तीर्ण कर नायब तहसीलदार पद के लिए चयन प्राप्त किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. राशिद उमर ने छात्रों और पूर्व छात्र को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता विभाग के सशक्त शैक्षणिक वातावरण और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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यूनानी चिकित्सा में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा देने हेतु एएमयू में आइडियाथाॅन 2026 आयोजित
अलीगढ़, 1 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के यूनानी चिकित्सा संकाय द्वारा “आइडियाथाॅन 2026ः इनक्यूबेशन और स्टार्टअप आइडेंटिफिकेशन वर्कशॉप” का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य यूनानी चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना था।
यह कार्यशाला रिसर्च इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल द्वारा एएमयू इनोवेशन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित की गई, जिसमें वैज्ञानिक सत्र, विशेषज्ञ व्याख्यान और स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों द्वारा स्टार्टअप प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
उद्घाटन सत्र में आरआईईडी सेल की अध्यक्ष प्रो. सैयदा आमिना नाज ने नवाचार, अनुसंधान और पेटेंट के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि तिब्बिया कालिज प्राचार्य प्रो. बी.डी. खान ने इस पहल को रोजगार संबंधी चुनौतियों के समाधान के लिए समयानुकूल बताया।
यूनानी चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. एस.एम. सफदर अशरफ ने अनुसंधान-आधारित नवाचार की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि एनईपी-2020 के अनुरूप रोजगार सृजनकर्ताओं को तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला छात्रों और शोधार्थियों को उद्यमशील विचार विकसित करने का मंच प्रदान करती है और यूनानी चिकित्सा में स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करती है।
मुख्य अतिथि प्रो. कय्यूम हुसैन ने पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के साथ तकनीक के एकीकरण पर प्रकाश डाला और यूनानी चिकित्सा की खाद्य, औषधीय और कॉस्मेटिक क्षेत्रों में संभावनाओं को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि प्रो. मोहम्मद सज्जाद अतहर और डॉ. शिवकुमार हारटी ने भी इस क्षेत्र में अनुसंधान और व्यवसायीकरण के अवसरों पर चर्चा की।
इससे पूर्व एएमयू-आईएफ के इन्क्यूबेशन मैनेजर मोहम्मद तबिश ने “आइडिया से निवेश तक” विषय पर सत्र लिया, जबकि एएमयू-आईएफ के निदेशक डॉ. सैयद अहमद रिजवी ने नवाचारों को उद्यम में विकसित करने पर व्याख्यान दिया। कार्यशाला में छात्रों द्वारा प्रस्तुतियां और नवीन स्वास्थ्य समाधान के प्रदर्शन भी शामिल थे।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अब्दुल अजीज खान थे तथा इसका समन्वयन प्रो. जमीर अहमद ने विभाग के अन्य संकाय सदस्यों के सहयोग से किया। कार्यक्रम का समापन प्रो. जमीर अहमद द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।













