1. कुलपति ने ‘डेंटल बज 5.0’ का विमोचन किया
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज की वार्षिक पत्रिका ‘डेंटल बज 5.0’ का विमोचन करते हुए इसे संस्थान की शैक्षणिक जीवंतता, बौद्धिक सक्रियता और रचनात्मक ऊर्जा का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी पत्रिकाएं छात्रों को अपनी उपलब्धियों को दर्ज करने और आत्ममंथन का अवसर देती हैं। डीन प्रो. मोहम्मद खालिद और प्राचार्य प्रो. आर.के. तिवारी ने भी संपादकीय टीम की सराहना की। प्रधान संपादक डॉ. नासिर सलाती के नेतृत्व में प्रकाशित इस अंक में वर्ष 2025 की शैक्षणिक, शोध, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों को समाहित किया गया है।
2. एएमयू में ‘कौशल मेला 4.0’ का आयोजन
एएमयू के सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट एंड करियर प्लानिंग द्वारा आयोजित “कौशल मेला 4.0” में प्रशिक्षुओं ने अपनी रचनात्मकता और उद्यमशीलता का प्रदर्शन किया। एक दिवसीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री कार्यक्रम में इंटीरियर डेकोरेशन, हैंडीक्राफ्ट, कढ़ाई, फैशन इलस्ट्रेशन और गारमेंट्स मेकिंग से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए। रजिस्ट्रार ने कौशल विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र के प्रयासों की सराहना करते हुए विपणन कौशल को बढ़ाने पर बल दिया। निदेशक प्रो. मसूद अनवर अल्वी ने कहा कि यह पहल स्व-रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
3. विकार-उल-मुल्क हॉल में मेगा वृक्षारोपण अभियान
एएमयू के विकार-उल-मुल्क हॉल में “टुवर्ड्स ए ग्रीनर कैंपस” अभियान के तहत मेगा वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लैंड एंड गार्डन विभाग के सहयोग से आयोजित इस अभियान में लगभग 200 आंवला पौधे लगाए गए। मुख्य अतिथि प्रो. मोहम्मद अथर अंसारी ने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि वृक्षारोपण जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रभावी माध्यम है। प्रो. नौशाद अली पी.एम. सहित शिक्षकों, वार्डनों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम का उद्देश्य परिसर को अधिक हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
4. आरएचटीसी में कैंसर जागरूकता क्विज प्रतियोगिता
विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर एएमयू के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने आरएचटीसी, जवां में क्विज प्रतियोगिता आयोजित की। प्रो. उजमा इराम के मार्गदर्शन में हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल इंटर्न्स के बीच कैंसर के इतिहास, महामारी विज्ञान और उपचार संबंधी जानकारी को सुदृढ़ करना था। प्रतियोगिता में डॉ. तसनीम फातिमा और डॉ. जैनब वहाब संयुक्त रूप से प्रथम रहीं, जबकि डॉ. जाहिदा इरम रफत को द्वितीय स्थान मिला। कार्यक्रम ने जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
5. एपीकॉन 2026 में डॉ. सैफ कैसर का विशेषज्ञ व्याख्यान
जेएन मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर डॉ. सैफ कैसर ने पटना में आयोजित एपीकॉन 2026 में “जहर के मामलों में एक्स्ट्रा कॉर्पोरियल थेरेपी” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने गंभीर विषाक्तता में रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी, हीमोडायलिसिस और प्लाज्मा एक्सचेंज की भूमिका स्पष्ट की। उन्होंने संसाधन-सीमित क्षेत्रों में समय पर उपचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए बेहतर क्लीनिकल प्रोटोकॉल अपनाने की बात कही।
6. रिमोट सेंसिंग विभाग के छात्रों की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सफलता
एएमयू के रिमोट सेंसिंग एवं जीआईएस विभाग के छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अरीना का चयन न्यूजीलैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ वाइकाटो में पीएचडी के लिए हुआ, जबकि एम.डी. जैद कमर ने इटली में अंतरराष्ट्रीय पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश पाया। अहसन सईद का चयन आईआईटी गुवाहाटी में हुआ। अन्य छात्रों को प्रतिष्ठित संस्थानों और कॉर्पोरेट कंपनियों में नियुक्ति मिली। विभागाध्यक्ष डॉ. हारिस हसन खान ने इसे विभाग की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण बताया।
7. एआई और पुस्तकालयों पर अंतरराष्ट्रीय गोलमेज चर्चा
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गोलमेज चर्चा में मौलाना आजाद लाइब्रेरी के डॉ. सैयद शाज हुसैन ने भाग लिया। “एआई, लाइब्रेरीज एंड लर्नर रेडीनेस” विषय पर उन्होंने एलएलएम के जिम्मेदार और नैतिक उपयोग के लिए राष्ट्रीय नीति ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने पुस्तकालय कर्मियों के लिए एआई साक्षरता कार्यक्रमों की जरूरत बताई, ताकि उभरती तकनीकों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
8. प्रो. वेद प्रकाश बने ओबीसी व एससी-एसटी प्रकोष्ठ के संपर्क अधिकारी
एएमयू के हिंदी विभाग के प्रो. वेद प्रकाश को ओबीसी तथा एससी-एसटी प्रकोष्ठों का संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया है। दो दशकों से अधिक शिक्षण अनुभव रखने वाले प्रो. प्रकाश आधुनिक हिंदी कविता और कथा साहित्य के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी और संपादित की हैं तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी निभाई है।
9. लोक साहित्य पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
एएमयू में “भारतीय लोक साहित्य के सामाजिक-सांस्कृतिक आयाम” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. मोहम्मद गुलरेज और मुख्य वक्ता प्रो. अब्दुल बिस्मिल्लाह ने लोक साहित्य को सांस्कृतिक चेतना का आधार बताया। संगोष्ठी में 51 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे, जो लोक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों पर केंद्रित हैं।














