1. एएमयू में महिला अधिकारों पर कार्यशाला आयोजित
Aligarh Muslim University में “कानून, महिला अधिकार और न्यायालय” विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला हुई। यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “गिव टू गेन” के तहत आयोजित किया गया। 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रो. समीना खान और प्रो. अजरा मुसावी ने समावेशी समाज व संस्थागत समर्थन पर जोर दिया। अधिवक्ता संचिता ऐन और स्नेहा सिंह ने न्याय व्यवस्था में लैंगिक असमानताओं, रूढ़ियों और संवेदनशील भाषा की जरूरत बताई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाना और महिला अधिकारों को सशक्त बनाना रहा।
2. एएमयू आरसीए छात्रों का जेकेपीएससी में चयन
Aligarh Muslim University के रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी के दो छात्रों ने जेकेपीएससी संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल की। फैजान-उल-हक ने 30वीं और नवीद शरीफ ने 72वीं रैंक प्राप्त की। आयोग ने 90 अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण के लिए चुना है। आरसीए निदेशक प्रो. मोहम्मद हसन ने इसे छात्रों की मेहनत और अकादमी के मार्गदर्शन का परिणाम बताया। इस सफलता से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलेगी और एएमयू की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्टता की परंपरा मजबूत होगी।
3. एएमयू में राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता शुरू
Aligarh Muslim University के विधि संकाय में तृतीय सर सैयद राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता-2026 का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य छात्रों में वकालत कौशल, शोध क्षमता और न्यायालयीन नैतिकता को बढ़ाना है। डीन प्रो. शकील अहमद ने मूट कोर्ट अभ्यास को व्यावहारिक शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। कार्यक्रम में प्रतियोगिता के नियमों और प्रारंभिक दौर की जानकारी दी गई। छात्रों और शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। यह प्रतियोगिता विधि छात्रों के लिए राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच बनती जा रही है।
4. एएमयू में अंबेडकर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी 30 मार्च को
Aligarh Muslim University में 30 मार्च को “विकसित भारत 2047 में अंबेडकर का दृष्टिकोण” विषय पर संगोष्ठी होगी। इसमें सामाजिक न्याय, सतत विकास और लोकतांत्रिक शासन पर B. R. Ambedkar के विचारों का विश्लेषण किया जाएगा। आयोजकों ने शोधार्थियों से 23 मार्च तक सार भेजने का आह्वान किया है। चयनित प्रतिभागियों को पूर्ण शोधपत्र प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। संगोष्ठी का उद्देश्य अंबेडकर के विचारों को आधुनिक नीति और विकास के संदर्भ में समझना और नए सुझाव देना है।
5. प्रो. इकराम खान सीडीओई के निदेशक नियुक्त
Aligarh Muslim University के प्रो. इकराम खान को दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा केंद्र का निदेशक बनाया गया है। उनकी नियुक्ति दो वर्षों के लिए की गई है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ एसेक्स से पीएचडी की है और 30 वर्षों से अधिक अनुभव रखते हैं। उनकी विशेषज्ञता इमेज प्रोसेसिंग, मल्टीमीडिया और वायरलेस तकनीक में है। उनके नाम कई शोध पत्र और परियोजनाएं हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में ऑनलाइन शिक्षा और अधिक मजबूत और प्रभावी बनेगी।
6. एएमयू के पूर्व छात्र का इसरो में चयन
Indian Space Research Organisation में Aligarh Muslim University के पूर्व छात्र मोहम्मद उमैर का वैज्ञानिक पद पर चयन हुआ है। उन्होंने एएमयू से बी.आर्क और एम.प्लान किया तथा बाद में आईआईटी रुड़की में पीएचडी शुरू की। शोध के दौरान ही उन्होंने इसरो परीक्षा पास की। उनकी सफलता को विश्वविद्यालय के लिए गौरव बताया गया है। उमैर की उपलब्धि छात्रों के लिए प्रेरणा है और यह दर्शाती है कि एएमयू उच्च स्तर की प्रतिभाओं को तैयार करने में सक्षम है।
7. एएमयू प्रोफेसर को अंतरराष्ट्रीय कोर्स में आमंत्रण
Aligarh Muslim University के प्रो. एम. फहुद खुर्रम को स्विट्जरलैंड में आयोजित एओ सीएमएफ अंतरराष्ट्रीय कोर्स में अतिथि फैकल्टी के रूप में बुलाया गया। इस प्रशिक्षण में क्रैनियोमैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा प्रबंधन पर फोकस रहा। उन्होंने सर्जनों को ऑपरेशन तकनीक, योजना और सुरक्षा पर प्रशिक्षण दिया। साथ ही चेहरे की हड्डियों के इलाज पर व्याख्यान भी दिया। उनके योगदान से एएमयू की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और मजबूत हुई है तथा चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता का प्रदर्शन हुआ है।













